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जिला योजना की बैठक का सदस्यों ने किया बहिष्कार

Sun, 14 May 2017 01:50 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
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कौशाम्बी
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 प्रभारी मंत्री की अध्यक्षता में हुई जिला योजना की बैठक हंगामेदार रही। सदस्यों को बोलने का मौका नहीं मिला तो उन्होंने बैठक का बहिष्कार कर दिया और बाहर चले आए। सदस्याें को बुलाने का प्रयास किया गया, लेकिन वह वापस नहीं आए। इसके बाद जिला योजना का बजट पेश किया गया। समीक्षा बैठक में प्रभारी मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने शासन के निर्देशों का कड़ाई से पालन करने की हिदायत अधिकारियों को दी। उन्होंने पेयजल, बिजली और कानून व्यवस्था पर जोर दिया।
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प्रदेश सरकार के दुग्ध विकास, संस्कृति, धर्मार्थ कार्य, अल्पसंख्यक कल्याण, मुस्लिम वक्फ एवं हज मंत्री व जिले के प्रभारी मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी शनिवार को जिले में पहली बार आए। उन्होंने कलक्ट्रेट के सम्राट उदयन सभागार में विभागवार विकास कार्यों के प्रगति की समीक्षा ली। बैठक की शुरुआत उन्होंने तहसील व समाधान दिवस में आने वाले शिकायती पत्रों से की। बैठक में बोलने का मौका न मिलने से जिला पंचायत के सदस्य भड़क गए। जिला पंचायत सदस्य नरेंद्र मौर्य, अंबुज, कल्पना सिंह, कल्पना देवी, यासिर मंजूर, अनीमा सिंह आदि सदस्यों ने बैठक का बहिष्कार कर दिया। हालांकि सदस्यों को मनाने का प्रयास किया गया लेकिन वे बाहर निकले तो दोबारा नहीं आए। इसके बाद बैठक दोबारा शुरू हुई।

मंत्री ने कहा कि अग्नि पीड़ितों को क्षति का शतप्रतिशत मुआवजा देने का निर्देश दिया। इसके बाद उन्होंने विद्युत आपूर्ति, फुंके ट्रांसफार्मर, पं. दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण ज्योति योजना के तहत कराए जा रहे विद्युतीकरण की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने कहा कि जब 48 घंटे में ट्रांसफार्मर नहीं बदले जाएंगे तो जनता के बीच मुख्यमंत्री की छवि कैसे सुधरेगी। इस दौरान विधायक सिराथू शीतला प्रसाद व चायल के संजय गुप्ता ने विद्युत समस्याएं रखने की कोशिश की तो प्रभारी मंत्री ने अनसुनी करते हुए कार्यक्रम आगे बढ़ा दिया। इसके बाद उन्होंने गेहूं खरीद की समीक्षा की। समीक्षा के दौरान उन्होंने मंडी में समर्थित मूल्य से कम दाम पर खरीदे जा रहे गेहूं को लेकर नाराजगी जाहिर की।
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उन्होंने डिप्टी आरएमओ से कहा कि जब सरकार 1625 रुपए में किसानों का गेहूं तौला रही है तो किसान मंडी में 1525 में क्यों बेंच रहे हैं। इससे साफ है कि क्रय केंद्रों पर कहीं न कहीं गड़बड़ जरूर है। समीक्षा के दौरान अस्पतालों में चिकित्सकों व स्कूलों में शिक्षकों के न जाने के मामले को गंभीरता से लिया। दोनों अफसरों को हिदायत दी कि सुधार नहीं हुआ तो इसे अंतिम चेतावनी समझें। इसके बाद उन्होंने पेयजल परियोजना, मनरेगा, गांवों को ओडीएफ बनाने सहित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की। अंत में उन्होंने जिले की पुलिसिंग में सुधार लाने और थानों पर फरियादियों से उदारता पूर्वक मिलाने की हिदायत दिया। इस दौरान वह कार्रवाई की रटीरटाई चेतावनी देते हुए वापस लखनऊ चले गए। समीक्षा बैठक में सांसद विनोद सोनकर, विधायक संजय गुप्ता, शीतला प्रसाद उर्फ पप्पू पटेल, लाल बहादुर के अलावा डीएम अखंड प्रताप सिंह, एसपी वीके मिश्र, सीडीओ दिनेश कुमार सिंह सहित सभी विभगाध्यक्ष मौजूद रहे।
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