यमुना की तराई में अबकी हरियाणा व राजस्थान के ठेकेदारों का बोलबाला रहने की प्रबल संभावना है। बालू खनन के लिए शुक्रवार को ई-टेंडर डालने के लिए हरियाणा व राजस्थान से कई लोग आए। कुल 13 टेंडर डाले गए हैं। टेंडर डालने वालों में जिले के दो ही ठेकेदार हैं।
बालू खनन के लिए शासन ने छह माह का ठेका निकाला है। ठेका ई-टेंडर के जरिए लोगों को मिलेगा। शुक्रवार को ई-टेंडर डालने की अंतिम तिथि थी। कुल 13 लोगों ने टेंडर डाला। दोपहर करीब 12 बजे लग्जरी कारों से हरियाणा व राजस्थान से लोग टेंडर डालने के लिए कलेक्ट्रेट पहुंचे। ई-टेंडर डालने के बाद ठेकेदार देर शाम तक जिले में रहे और बालू घाटों की जानकारी लेते रहे। दूसरे राज्यों से आए ठेकेदारों ने बढ़ा-चढ़ाकर टेंडर डाला है। इससे ठेकेदारों के होश उड़े हुए हैं। जिले के दो ही ठेकेदारों ने ई-टेंडर डाला है। बाकी सभी लोग बाहरी हैं। इलाहाबाद व फतेहपुर के भी ठेकेदार बालू खनन में कूदे हैं। 15 मई को टेंडर खुलेगा। टेंडर खुलने के बाद जिसको ठेका मिलेगा, उसको निर्धारित रकम की 75 फीसदी डीडी तुरंत जमा करनी होगी। इसकी लोगों ने तैयारी कर रखी है। 13 घाटों के लिए 13 टेंडर पड़े हैं। किसको कौन सा घाट मिलेगा, इसको लेकर कयासबाजी शुरू हो गई है।