सदर ब्लॉक के चक थांभा में विकास कार्यों के नाम पर घालमेल सामने आया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर अधिकारियों की संयुक्त जांच में यह खुलासा हुआ है। पहले हो चुके काम का दोबारा प्रस्ताव तैयार किया गया। इसके बाद भुगतान निकालकर 2.02 लाख रुपये का गबन किया गया है। जीरामजी में हुए इस गबन की रिपोर्ट टीम ने डीएम को भेजी है।
चक थांभा निवासी राज कुमार सिंह ने गांव के लोगों के साथ मिलकर डीएम को 27 अगस्त को शपथपत्र देकर गांव में जीरामजी योजना के कार्यों में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था। इस पर डीएम के निर्देश पर डीपीआरओ ने जिला पूर्ति अधिकारी व अवर अभियंता डीआरडीएम की संयुक्त टीम बनाकर जांच का निर्देश दिया था।
दोनों अधिकारियों ने जांच के बाद अपनी रिपोर्ट करीब एक सप्ताह पहले डीपीआरओ के माध्यम से डीएम को भेजी है। जांच रिपोर्ट में अधिकारियों ने बताया है कि गांव के सोमदत्त के घर से गंगा बाबा तालाब तक इंटरलॉकिंग कार्य और सुख सागर के घर से गंगा बाबा तालाब तक नाली निर्माण कार्य का भुगतान वर्ष 2020-21 में वित्त आयोग योजना से किया गया है।
इसी काम का 2021-22 में दोबारा प्राक्कलन तैयार कर जीरामजी योजना से 2,02,144 रुपये का फिर से भुगतान निकाला गया है। संयुक्त जांच में अधिकारियों ने इस पूरे प्रकरण को गंभीर वित्तीय अनियमितता बताते हुए ग्राम पंचायत स्तर पर गबन की बात स्पष्ट रूप से कही है।
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थांभा गांव की जांच रिपोर्ट मिली है। इसको डीएम भेजा जाएगा। इसके बाद उनके निर्देश पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। अनिल कुमार सिंह, डीपीआरओ