मंझनपुर। दोआबा में बालू की तरह मिट्टी का भी अवैध खनन धड़ल्ले से चल रहा है। इसे लेकर डीआईजी का पारा गरम है। उन्होंने एसपी को पत्र भेजकर मिट्टी का अवैध खनन कराने वालों के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दिया है। एसपी ने एएसपी को एडीएम के साथ मिलकर प्रकरण की जांच और कार्रवाई की जिम्मेदारी दी है।
अवैध खनन को लेकर सरकार के तेवर सख्त हैं। इस मामले में इलाहाबाद के कमिश्नर और फतेहपुर के डीएम, खनन अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई भी हो चुकी है। इससे मंडल के सभी उच्चाधिकारियों के होश उड़े हैं। अफसर गंगा-यमुना के घाटों में बालू, पहाड़ों पर पत्थरों और सार्वजनिक जमीनों पर मिट्टी के हो रहे अवैध खनन को रोकने की कवायद में जी-जान से जुटे हैं। इसी क्रम में डीआईजी भगवान स्वरूप ने एसपी कोे पत्र भेजकर मिट्टी का भी अवैध तरीके से खनन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई कर रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। डीआईजी का फरमान आते ही एसपी रतनकांत पांडेय ने एएसपी ओपी पांडेय को एडीएम के साथ बैठक कर अवैध खनन के खिलाफ मुहिम छेड़कर कार्रवाई करने को कहा है।
उन्होंने एएसपी को उन स्थानों का स्थलीय निरीक्षण करने की हिदायत दी है जहां मिट्टी का अवैध खनन हुआ है। खनन माफिया के खिलाफ कार्रवाई का भी निर्देश दिया है। एसपी ने अपने पत्र में स्पष्ट लिखा है कि स्थानीय पुलिस की भूमिका की भी जांच की जाए। यदि पुलिस के किसी भी कर्मचारी की मिलीभगत सामने आए तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाए। इससे जिले के थानेदारों के होश उड़े हुए हैं। खनन माफिया की भी नींद उड़ी है। एसपी का दावा है कि जिले में किसी भी कीमत पर बालू और मिट्टी का अवैध खनन नहीं करने दिया जाएगा। अवैध खनन करने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होगी। बता दें कि जिले में यमुना के घाटों पर बालू के खनन की तरह ही ग्रामसभा की खाली पड़ी जमीन, तालाब आदि के आसपास धंधेबाज जेसीबी से मिट्टी का अवैध खनन कराकर उसे बेचते हैं। मिट्टी बेचने का यह काला कारोबार जिले में बरसों से खुलेआम चल रहा है।