13 करोड़ 41 लाख 66 हजार रुपये की लागत से जिला शिक्षा और प्रशिक्षण संस्थान (डायट) को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित होगा। करीब 18 माह में तैयार होने वाला यह आधुनिक संस्थान शिक्षक प्रशिक्षण, शैक्षणिक गुणवत्ता और प्रशासनिक व्यवस्था को नई मजबूती देगा।
जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान अब केवल प्रशिक्षण केंद्र तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे आधुनिक संसाधनों से युक्त उत्कृष्ट शैक्षणिक केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां शिक्षकों के लिए उन्नत प्रशिक्षण कक्ष, सेमिनार हॉल, डिजिटल संसाधन केंद्र, प्रशासनिक कार्यालय, तकनीकी सुविधा कक्ष, पुस्तकालय, बेहतर बैठने की व्यवस्था और अन्य आवश्यक सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
शिक्षकों को मिलेगा आधुनिक प्रशिक्षण का बेहतर मंच
अब तक कई बार शिक्षकों को प्रशिक्षण के लिए सीमित संसाधनों और असुविधाजनक व्यवस्थाओं का सामना करना पड़ता था। पर्याप्त स्थान, तकनीकी संसाधन और समुचित व्यवस्था के अभाव में प्रशिक्षण की गुणवत्ता प्रभावित होती थी। नए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के बनने से शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण तकनीकों, नई शिक्षा नीति, डिजिटल शिक्षण पद्धति और नवाचार आधारित प्रशिक्षण का बेहतर अवसर मिलेगा।
ग्रामीण छात्रों तक पहुंचेगा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लाभ
सेवानिवृत्ति प्राथमिकी शिक्षक कल्याण परिषद के जिला अध्यक्ष अजय पांडेय ने बताया कि इसका सीधा लाभ जिले के सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को मिलेगा। प्रशिक्षित शिक्षक कक्षा में बेहतर शिक्षण पद्धति अपनाएंगे, जिससे बच्चों की सीखने की क्षमता बढ़ेगी।
यदि शिक्षक मजबूत होंगे तो पूरी शिक्षा व्यवस्था मजबूत होगी। ऐसे में डायट का सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित होना कौशाम्बी के लिए बड़ी उपलब्धि साबित होगा। आने वाले समय में यह संस्थान जिले की शैक्षणिक पहचान बन सकता है।
डायट को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किए जाने से जिले की शिक्षा व्यवस्था को बड़ा लाभ मिलेगा। आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाओं से शिक्षक अधिक दक्ष बनेंगे और उसका सीधा असर बच्चों की पढ़ाई पर दिखाई देगा। हमारा प्रयास है कि 18 माह में यह संस्थान पूरी गुणवत्ता के साथ तैयार हो और कौशाम्बी शिक्षा के क्षेत्र में नई पहचान बनाए। - निधि शुक्ला, डायट प्राचार्य