पारा चढ़ने के साथ ही जिले में डायरिया ने दस्तक देना शुरू कर दिया है। जिला अस्पताल में एक-दो मरीज रोजाना उल्टी-दस्त से पीड़ित होकर आ रहे हैं। जिन लोगों की हालत नाजुक होती है उन्हें पीडिया वार्ड में भर्ती करके इलाज किया जा रहा है। मरीजों की संख्या दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है।
गर्मी की वजह से जिले में डायरिया ने पांव पसार लिया है। तेज धूप में काम करने व खानपान में गड़बड़ी के कारण मरीजों की संख्या बढ़ रही है। अस्पताल में आने वाले मरीजों को डॉक्टर दवा के साथ डायरिया से बचाव के टिप्स भी दे रहे हैं। मंझनपुर कस्बे के हजरतगंज मोहल्ला निवासी शहंशाह की बेटी हलीबा जोहरा (10) को पिछले कुछ दिनों से उल्टी-दस्त की शिकायत हुई। घरवाले उसका इलाज स्थानीय एक चिकित्सक से कराने गए। हालत में सुधार नहीं होने पर 25 अप्रैल को हलीबा को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसी तरह इब्राहिमपुर निवासी सतीश चंद्र की पत्नी सरिता को भी डायरिया हुआ था। चार दिन पहले उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। भड़ेसर गांव के शुभ (9) पुत्र संजय कुमार और सिराथू तहसील के निजामपुर नौगीरा गांव निवासी मंगली (45) को भी डायरिया पीड़ित होने पर इलाज के लिए भर्ती कराया गया है।