मंझनपुर (ब्यूरो)। राजकीय हाईस्कूलों में नवनिर्मित भवनों का हस्तांतरण करने में आ रही दिक्कतों को लेकर बुलाई गई बैठक में डीआईओएस का नहीं आना सीडीओ को नागवार लगा। उन्होंने डीआईओएस को नोटिस देकर उनसे हस्तांतरण में देरी और गैरहाजिरी पर स्पष्टीकरण मांगा है।
बता दें कि जिले के कई राजकीय हाईस्कूलों में भवनों का निर्माण कराया गया है। कार्यदाई संस्था पैकफेड और शिक्षा विभाग के अफसरों के बीच तालमेल नहीं बैठ पाने के कारण इन नवनिर्मित भवनों का लंबे समय से हस्तांतरण नहीं हो पा रहा है। मामला संज्ञान में आने के बाद तत्कालीन सीडीओ भोलानाथ मिश्र ने भवनों को हैंडओवर कराने की कोशिश की थी। पर, इसी बीच उनका तबादला हो गया। इसकी वजह से प्रकरण अधर में लटक गया। नवागत सीडीओ धीरेन्द्र सिंह सचान ने भी स्कूलों में निर्मित भवनों को हैंडओवर कराने के प्रयास तेज कर दिए हैं। हस्तांतरण में आ रही परेशानियों को दूर करने के लिए उन्होंने 24 जून को अपने कार्यालय में डीआईओएस और कार्यदाई संस्था पैकफेड के अफसरों की बैठक बुुलाई थी।
पैकफेड के अफसर तो बैठक में पहुंचे लेकिन डीआईओएस या उनका कोई प्रतिनिधि नहीं आया। इसे लेकर सीडीओ का पारा गरम हो गया। उन्होंने इस मनमानी को गंभीरता से लेते हुए शुक्रवार को डीआईओएस को नोटिस जारी कर बैठक में नहीं आने और हस्तांतरण में देरी के लिए स्पष्टीकरण मांगा है। उन्हें निर्देशित भी किया है कि पैकफेड के अफसरों के साथ बैठकर जल्द से जल्द भवनों को हैंडओवर कर लिया जाए। सीडीओ धीरेन्द्र सिंह सचान ने बताया कि मामले में लापरवाही करने पर दोषी अफसरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।