मंझनपुर/कड़ा। पौष पूर्णिमा पर सोमवार को कड़ा समेत कौशाम्बी के विभिन्न गंगाघाटों पर हजारों लोगों ने डुबकी लगाकर पुण्य कमाया। कड़ाके की ठंड और दिनभर चली तेज बर्फीली हवाओं का भी कोई असर आस्था पर नहीं पड़ा। सुबह से लेकर अपराह्न तीन बजे तक गंगा तटों पर स्नान का सिलसिला चलता रहा।
पौष महीने की पूर्णिमा सोमवार को थी। धर्मशास्त्रों के मुताबिक इस पूर्णिमा पर गंगा स्नान विशेष फलदायी है। यही वजह रही सोमवार की सुबह कड़ाके की ठंड और दिनभर चली तेज बर्फीली हवाओं के बाद भी हजारों की संख्या में स्नानार्थियों का रेला गंगा घाटों की ओर निकल पड़ा था। स्नानार्थियों की आस्था पर ठंड, शीतलहर और बर्फीले पानी का भी तनिक भी असर नहीं दिखा। भीषण ठंड के बाद भी सुबह छह बजे से ही कड़ा, कुबरी, कालेश्वर, शहजादपुर और संदीपनि घाटों पर हर-हर गंगे करते हुए लोगों ने डुबकी लगाना शुरू कर दिया था।
पौष पूर्णिमा पर गंगा स्नान का यह सिलसिला अपराह्न करीब तीन बजे तक यूं ही चलता रहा। स्नानार्थियों की सबसे ज्यादा भीड़ कड़ा के कुबरी घाट में दिखी। जहां कौशाम्बी के अलावा प्रतापगढ़, फतेहपुर, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर आदि जिलों से भी बड़ी संख्या ने गंगा के भक्त डुबकी लगाने आए थे। डुबकी लगाकर गंगा पूजा और दान-दक्षिणा देकर पुण्य कमाने वाले भक्तों ने माता शीतला के दरबार में भी हाजिरी लगाई। इससे दिनभर शीतला माता का दरबार भी जयकारों से गुंजायमान रहा।