Devotees gathered to worship Mother Siddhidatri
- फोटो : KAUSHAMBI
मां सिद्धिदात्री के पूजन को उमड़े श्रद्धालु
नवरात्र के अंतिम दिन देवी मंदिरों, पूजा पंडालों में किया गया हवन-पूजन
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर/कड़ा। नवरात्र के अंतिम दिन भक्तों ने देवी माता के सिद्धिदात्री स्वरूप की पूजा की। मंदिरों, पंडालों में हवन-पूजन भी हुआ। इसके बाद श्रद्धालुओं ने व्रत का पारायण किया। इस दौरान जिले भर के देवी मंदिर और पंडाल मां के जयकारे गूंजते रहे। शक्तिपीठ कड़ा धाम में मां की एक झलक पाने के लिए भक्तों को घंटों इंतजार करना पड़ा।
शारदीय नवरात्र के नौंवे दिन भक्त सिद्धिदात्री की उपासना करते हैं। बड़ी संख्या में भक्त अष्टमी को व्रत भी रखते हैं। मां सिद्धिदात्री भक्तों और साधकों को सिद्धियां प्रदान करने में समर्थ हैं। इन्हीं फलों की प्राप्ति के लिए आखिरी दिन सोमवार को भक्तों ने देवी मंदिरों, पूजा पंडालों में मां सिद्धिदात्री की अराधना की। शक्तिपीठ शीतलाधाम कड़ा के अलावा जिला मंझनपुर स्थित दुर्गा मंदिर, करारी रामलीला मैदान स्थित देवी मंदिर, पश्चिमशरीरा स्थित झारखंडी देवी व अढ़ौली मंदिर में आस्था का रेला उमड़ा। मां को शीश नवाने के बाद भक्तों ने विधि-विधान से पूजा अर्चना कर मन्नतें मांगीं। कड़ा में मां शीतला की एक झलक पाने के लिए श्रद्धालुओं को घंटों लाइन पर लगना पड़ा। इसके बाद भी पल भर से ज्यादा मां के दर्शन नहीं हो सके। इस बीच भक्तों को धक्कामुक्की का भी सामना करना पड़ा। इसके बाद भक्त देवी मंदिर व पूजा पंडालों में बनाए गए हवन कुंडों में आहूतियां दीं। व्रत रखने वालों ने पूजन-हवन के बाद पारायण किया। इस दौरान मां के जयकारों से मंदिर परिसर एवं पूजा पंडाल गूंज उठा।
वहीं अष्टमी यानी रविवार को आधी रात के बाद मां शीतला को छप्पन भोग का प्रसाद चढ़ाया गया। इसके बाद महाआरती की गई। इस दिन रात्रि दस बजे के बाद पट बंद कर दिया गया था। इसके मां जलहरी कुंड को खाली कर पूरे परिसर की साफ-सफाई की गई। इसके बाद मंदिर के समीप स्थित कुंआ के पवित्र जल से मंत्रोच्चार के बीच कुंड भरा गया। फूल-माला चढ़ाने के साथ ही मां का शृंगार किया गया। रात 12 बजे मुख्य पुजारी ने मां को छप्पन प्रकार के व्यंजनों का भोग लगाया। इसके बाद मां की महाआरती की गई। महाआरती में शामिल होने के लिए स्थानीय के साथ ही पड़ोसी जनपदों के श्रद्धालु भक्त बड़ी संख्या में मंदिर परिसर में डटे रहे।