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शक्तिपीठ कड़ा धाम में मां की एक झलक पाने को उमड़ा श्रद्घालुओं का रेला

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कड़ा शीतला धाम मंदिर में दर्शन करने के लिए लगी भक्तों की लाइन - फोटो : KAUSHAMBI
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वासंतिक नवरात्र के आठवें दिन शनिवार को मां दुर्गा के महागौरी स्वरूप का पूजन किया गया। शक्ति पीठ कड़ा धाम सहित जिले के सभी देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ पूजा-अर्चना के लिए पहुंची। इस मौके पर मंदिरों में घंट-घड़ियाल की गूंज सुबह से लेकर देर शाम तक सुनाई दी।
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देवी का आठवां स्वरूप महागौरी का रूप पूर्णत: गौर वर्ण है। इनकी उपमा शंख, चंद्र और कुंद के फूल से दी गई है। अष्टवर्षा भवेद् गौरी यानी इनकी आयु आठ साल की मानी गई है। इनके सभी आभूषण और वस्त्र सफेद हैं। इसलिए उन्हें श्वेताम्बरधरा कहा गया है। इनकी पूरी मुद्रा बहुत शांत है। ये अमोघ फलदायिनी हैं और इनकी पूजा से भक्तों के तमाम कल्मष धुलने के साथ ही पूर्वसंचित पाप भी नष्ट हो जाते हैं। महागौरी के पूजन से अलौकिक सिद्धियां भी प्राप्त होती हैं।
इन्हीं फलों की प्राप्ति के लिए शनिवार को भक्तों ने घरों और मंदिरों में मां भगवती की पूरे विधि-विधान के साथ पूजन किया। तमाम भक्तों ने व्रत भी रखा। देवी भगवती की आराधना के लिए 51 शक्तिपीठों में शुमार कड़ा स्थित मां शीतला की दरबार में शनिवार को भारी भीड़ दिखी। यहां स्थानीय के अलावा आसपास के विभिन्न जिलों से आए हजारों भक्तों का रेला भोर से ही मां की दरबार में इकट्ठा हो गया था। घंटों इंतजार के बाद कपाट खुलने पर भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी।
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कई-कई घंटे इंतजार करने के बाद पल भर के लिए मां का दर्शन हुआ। भक्तों ने मां के सामने शीष झुकाकर घर-परिवार के सुख-समृद्धि की कामना की। इसके अलावा मंझनपुर स्थित दुर्गा मंदिर, पश्चिमशरीरा के झारखंडी माता, अढ़ौली के आनंदी माता समेत सभी प्रमुख कस्बों, बाजारों में स्थित मंदिरों में भक्तों ने मां की पूजा-अराधना की। कुछ भक्तों ने घरों में दुर्गा सप्तशती का पाठ भी किया।
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