चायल। विकास कार्यों की हकीकत खंगालने नोडल अधिकारी बनकर आए सचिव राजस्व परिषद आलोक कुमार को लोहिया गांव मुरादपुर और वहां का प्राथमिक स्कूल दोनों बदहाल मिला। अधूरे लोहिया आवास के साथ ही शौचालय निर्माण में मानक की अनदेखी पर सचिव ने संबंधित अफसरों की क्लास ली। जर्जर बिजली के तार पर एक्सईएन को फटकारा। वहीं स्कूल में बच्चों की उपस्थिति कम देख बीएसए को हेडमास्टर समेत पूरे स्टाफ पर कार्रवाई का निर्देश दिया।
सचिव स्तर के अफसरों को जिले के नोडल अधिकारी बनाकर सरकार जनपद के विकास कार्यों और लोहिया गांवों की हकीकत की जानकारी ले रही है। इसीक्रम में आयुक्त एवं सचिव राजस्व परिषद आलोक कुमार को कौशाम्बी का नोडल अधिकारी बनाया गया है। वे बुधवार को कौशाम्बी आए। इस दौरान सबसे पहले सचिव ने कलेक्ट्रेट सभागार में डीएम, सीडीओ समेत सभी अफसरों की बैठक लेकर विकास कार्यों की समीक्षा की।
इसके बाद सचिव चायल ब्लाक के लोहिया गांव मुरादपुर की जांच को पहुंचे। जहां उन्हें गांव को जाने वाला संपर्क मार्ग ही बदहाल मिला। पूछने पर पता चला कि यह मार्ग दो साल पहले ही बना है। इस पर उन्होंने एक्सईएन पीडब्ल्यूडी पर गुस्सा जाहिर की। इसी तरह गांव में आवंटित सभी 14 लोहिया आवास अधूरे मिले। शौचालय भी इन घरों से दूर मानक की अनदेखी करके बनाए गए थे। सीसी मार्ग अधूरा था। इस मनमानी पर उन्होंने बीडीओ समेत अन्य संबंधित अफसरों की क्लास ली।
वहीं जनसमस्याओं को सुनने के लिए लगाई चौपाल में सबसे ज्यादा शिकायत बिजली के जर्जर तार की मिलने पर उन्होंने एक्सईएन से यहां कैंप लगाकर बिजली की समस्या का निस्तारण का हुक्म दिया। लौटते समय सचिव ने प्राथमिक स्कूल मुरादपुर की जांच की। इस स्कूल में 80 बच्चे पंजीकृत हैं। पर, मौके पर 25-30 बच्चे की उपस्थित थे। इस पर उन्होंने बेसिक शिक्षा अधिकारी की क्लास ली। बीएसए को हेडमास्टर समेत पूरे स्टाफ पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।