ब्लॉक की देवखरपुर, मोहद्दीनपुर बेला और निजामपुर नौगीरा ग्राम पंचायतों में पंचायत सचिव की तैनाती न होने से विकास कार्य ठप पड़े हैं और ग्रामीणों को जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र व परिवार रजिस्टर की नकल के लिए भटकना पड़ रहा है। चार माह पूर्व ग्राम पंचायत सचिव सतीश चौधरी को गबन के आरोप में जिला पंचायत राज अधिकारी अनिल कुमार सिंह ने निलंबित कर दिया था, लेकिन अब तक वैकल्पिक तैनाती नहीं हो सकी है।
सचिव के अभाव में नाली, इंटरलॉकिंग, नाला निर्माण और हैंडपंप मरम्मत जैसे कार्य रुके हुए हैं। करीब 22 हजार की आबादी को बुनियादी सुविधाओं के साथ-साथ आवश्यक प्रमाण पत्रों के लिए भी परेशानी उठानी पड़ रही है। ग्रामीणों ने शीघ्र सचिव की तैनाती कर विकास कार्य बहाल करने और प्रमाण पत्र निर्गत कराने की मांग की है।
ग्राम पंचायत सचिव के निलंबन और तैनाती की प्रक्रिया जिला पंचायत राज अधिकारी व जिला विकास अधिकारी के द्वारा होती है। तीन गांव में सेक्रेटरी की तैनाती को लेकर प्रपोजल बनाकर भेजा गया है। - भावेश कुमार शुक्ला, खंड विकास अधिकारी सिराथू