करारी में डलिया दौरी वो सेजी बेनी की सजी दुकान
सहालग के चलते नगर के बाजारों में बांस से बनीं रंग-बिरंगी डलिया, दौरी और सेजी बेनी दुकान के बाहर से ही ग्राहकों की अगुवाई कर रही हैं। विवाह समारोहों की तैयारियों के बीच ग्राहक पारंपरिक सामग्रियों की खरीदारी में जुटे हैं, जिससे बाजारों में रौनक बढ़ गई है। दुकानदारों के अनुसार इस बार सहालग में बिक्री पिछले वर्षों की तुलना में बेहतर हो रही है और बांस से बनीं रंग-बिरंगी सामग्रियों की लगातार मांग बढ़ रही है।
भोजन और अन्य सामग्री रखने के लिए बांस की डलियों का उपयोग किया जाता है। इसी तरह दौरी में चावल-खिचड़ी आदि सामान भरकर बेटी के घर देना शुभ माना गया है। करारी अशोक नगर बाजार के दुकानदार शारदा साहू ने बताया कि पिछले एक महीने की तुलना में अब बांस की डलियों का कारोबार काफी बेहतर हो गया है। जहां पहले प्रतिदिन केवल दो-तीन ग्राहक आते थे, वहीं अब दुकान पर 20 से 25 ग्राहक खरीदारी के लिए पहुंच रहे हैं।
संतोष साहू ने बताया कि छोटी डलियों की कीमत 30 रुपये से 50 रुपये के बीच है, जबकि बड़ी डलियां 60 रुपये से 140 रुपये तक बिक रही हैं। इसी तरह दौरी 120 से 300 रुपये और सेजी-बेनी 20 रुपया से 30 रुपया तक बिक रही हैं।
करारी में डलिया दौरी वो सेजी बेनी की सजी दुकान