जिले के एकल और खाली विद्यालयों में अन्य विद्यालयों के शिक्षकों का समायोजन किया गया है। यह समायोजन विद्यालयों के वरिष्ठ तथा लंबे समय से तैनात शिक्षकों का किया गया है।
जिले में 55 विद्यालय ऐसे थे, जो वर्षों से शिक्षकों की कमी से जूझ रहे थे। इनमें कड़ा ब्लॉक का कंपोजिट विद्यालय अमिरतापुर का प्राथमिक सेक्शन, प्राथमिक विद्यालय भैरव डोचली और नेवादा ब्लॉक का प्राथमिक विद्यालय चकपिनहा शामिल हैं, जहां एक भी शिक्षक की तैनाती नहीं थी। इन विद्यालयों में शिक्षण कार्य जूनियर विद्यालयों के शिक्षकों के भरोसे चल रहा था।
इसके अतिरिक्त 52 विद्यालय ऐसे थे, जहां केवल एक ही शिक्षक की तैनाती थी। तीन दिन पूर्व किए गए समायोजन में 58 शिक्षकों को इन स्कूलों में तैनाती मिली है। शिक्षकों ने इस समायोजन को लेकर विरोध जताया है। उनका आरोप है कि उन्हें ऐसे विद्यालयों में भेजा गया है, जो उनके मूल विद्यालय से अधिक दूरी पर स्थित हैं।
राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के जिला संयोजक ओमदत्त त्रिपाठी ने बताया कि समायोजन से पूर्व शिक्षकों को किसी प्रकार की जानकारी नहीं दी गई। उन्हें सीधे समायोजन आदेश प्राप्त हुआ, जिससे उन्हें अपनी बात रखने का अवसर नहीं मिल सका।
शिक्षकों का समायोजन पूरी तरह शासन के निर्देशों के अनुसार किया गया है। इसमें वरिष्ठता, लंबे समय से एक ही विद्यालय में तैनाती, छात्र संख्या, शिक्षक के विषय सहित अन्य मानकों को ध्यान में रखा गया है। शिक्षकों का दायित्व विद्यालय में अध्यापन कार्य करना है। जिस विद्यालय में उन्हें भेजा गया है, वह उसी न्याय पंचायत के अंतर्गत आता है, ऐसे में विरोध उचित नहीं है। - डॉ. कमलेंद्र कुशवाहा, बीएसए