लेखपालों की हड़ताल से जिले का काम प्रभावित हो गया है। मांगों के समर्थन में लेखपालों ने शुक्रवार को भी कार्य बहिष्कार जारी रखा। डॉयट मैदान में लेखपालों ने कहा कि अब लड़ाई आर पार की है। सरकार को झुकना ही होगा। वहीं दूसरी ओर हड़ताल से प्रमाणपत्रों और जमीन की पैमाइश का काम प्रभावित हो गया है।
लेखपाल 23 अगस्त से हड़ताल पर हैं। लेखपालों की मांग है कि उनके पद नाम में बदलाव किया जाए। उनके वेतनमान में वृद्धि की जाए। तबादला केवल जिले स्तर पर किया जाए। इस मांग को लेकर शुरू हड़ताल के दौरान मामला तब बिगड़ गया जब पिछले दिनों लखनऊ में धरना, प्रदर्शन के दौरान लाठी चार्ज कर लेखपालों को पीटा गया।
इसके बाद से लेखपालों के तेवर सख्त हो गए हैं। डॉयट मैदान में लेखपाल संघ के अध्यक्ष रोशन लाल ने कहा कि अब आंदोलन मांग पूरी होने के बाद ही समाप्त होगा। जिला मंत्री धर्मराज ने कहा कि लेखपालों की आवाज को लाठी के दम पर शांत कराने का प्रयास सफल नहीं होगा। वहीं दूसरी ओर तीनों तहसील में जाति, आय और निवास प्रमाण पत्र में रिपोर्ट लगवाने के लिए आवेदक भटक रहे हैं। धरना में सरफराज हुसैन, नजमुल हसन, शिवनारायन यादव, श्यामनारायण मिश्र, ओमप्रकाश गुप्त, अवधनरेश सिंह, शंकर दयाल सिंह, हरीमोहन तिवारी, योगेंद्र सिंह, मुमताल अहमद, महंत लाल, ज्ञान सिंह पाल, कुबेर सिंह, अवधनरेश सिंह आदि शामिल रहे।