चिल्लाशहबाजी गांव के कार्डधारकों ने कोटेदार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। राशन वितरण में मनमानी का आरोप लगाया है। लोगों का कहना है कि राशन प्रति माह न देकर खुले बाजार में बेच दिया जाता है। मंगलवार को चायल तहसील में प्रदर्शन करते हुए ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी से शिकायत की। एसडीएम ने पूूर्ति निरीक्षक को जांच कर कार्रवाई का निर्देश दिया है।
चायल ब्लाक के चिल्लाशहबाजी गांव निवासी राजाराम, भोलानाथ, अब्दुल कलाम, सियाराम, राम औतार, गंगा प्रसाद, कल्लू, शहनवाज आदि ने बताया कि गांव में संचालित सस्ते गल्ले की दुकान का संचालक गरीबों के हक पर डाका डाल रहा है। कार्डधारकों को समय से राशन और केरोसिन नहीं वितरित करता है। खाद्यान्न को बाजारों में बेच दिया जाता है। आरोप है कि राशन की कालाबाजारी का विरोध करने पर दुकानदार मारपीट पर आमादा हो जाता है। कोटेदार की मनमानी से खफा कार्डधारकों ने मंगलवार को तहसील में प्रदर्शन करते हुए एसडीएम को प्रार्थना पत्र दिया। ग्रामीणों के आरोपों को गंभीरता से लेते हुए उपजिलाधिकारी अश्वनी कुमार श्रीवास्तव ने पूर्ति निरीक्षक को जांच और कार्रवाई का निर्देश दिया है।