प्रयागराज से कौशाम्बी फोरलेन सड़क के मुआवजे में करोड़ों रुपये के सरकारी धन के बंदरबांट मामले में निलंबित लेखपाल की बेनामी संपत्ति की जांच की मांग उठने लगी है। आमाकुआं गांव के कई पीड़ितों ने सीएम को पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की है।
प्रयागराज से कौशाम्बी तक फोरले सड़क बन रही है। सड़क बनाने में लेखपाल ने अधिकारियों से मिलकर सरकारी धन का बंदरबाट किया। पात्रों को उचित मुआवजा न देकर अपात्रों को दिया गया। संवाद न्यूज एजेंसी इस मामले को प्रमुखता से प्रकाशित कर रहा है।
डीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच कराई। मामले में लेखपाल को निलंबित कर दिया गया है। कोसम इनाम के मजरा आमाकुआं के जय सिंह, अयोध्या प्रसाद त्रिपाठी, पितंबर लाल, अमृतलाल ने मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में बताया कि हल्का लेखपाल कमलेश कुमार ने राजस्व व लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों की मिली भगत से अपने चहेतों को मुआवजा दिलाकर करोड़ों रुपये का बंदरबांट किया है।
वास्तव में जिन काश्तकारों की जमीन सड़क निर्माण की जद में आई है, उन्हें मुआवजे में वंचित कर दिया गया है। अपने चहेतों से साठगांठ कर फर्जी तरीके से जमीनों को अकृषित करा कर फर्जीवाड़ा कर बड़े पैमाने पर सरकारी धन का बंदरबांट किया गया है। इस प्रकार हल्का लेखपाल कमलेश कुमार ने करोड़ों रुपये अर्जित किए हैं।
लेखपाल पर तमाम आरोप लग रहे हैं। इनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई प्रचलित है। उसमें सभी बिंदुओं पर जांच होगी।
- एसपी वर्मा, एसडीएम मंझनपुर