मामले में पुलिस ने कार सवार तुलसीपुर गांव निवासी रामनरेश के खिलाफ केस दर्ज कर लिया। बुधवार को एसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव के हवाले से सोशल मीडिया ग्रुप में दावा किया गया कि छात्रा को कार में घसीटा नहीं गया। महज हादसा है। कार सवार भी जख्मी हुआ है। उसे भी हिरासत में लेकर इलाज कराया गया। तहरीर में छात्रा को कार में फंसकर घसीटने की बात जो कही गई थी वह विवेचना में असत्य पाई गई है।
वहीं अस्पताल में भर्ती छात्रा का कहना है घटना वाले दिन वह अकेले साइकिल से घर लौट रही थी। बाजापुर के समीप पीछे से कार ने टक्कर मार दी। इसके बाद साइकिल समेत वह कार में फंस गई। कार रोकने के लिए उसने शोर मचाया, लेकिन गाड़ी नहीं रुकी। चेहरा बचाने के लिए उसने हाथ से ढक लिया था। इस दौरान वह बेहोश हो गई। कार कब रुकी? इसके बारे में उसे कुछ जानकारी नहीं है।
बेटी को मार डालना चाहते थे कार सवार
हादसे की शिकार छात्रा कौशल्या के परिजनों की मानें तो कार सवार उसकी बेटी की जान मार डालने पर उतारू थे। मंझनपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती छात्रा का पैर तीन जगह फ्रैक्चर हुआ है। कूल्हे की हड्डी भी टूट गई है। कौशल्या का इलाज करने वाले चिकित्सक का भी कहना है कि घटना मेजर केस है।