करारी। क्षेत्र के मलकिया गांव में सोमवार शाम एक अधिवक्ता की बेटी का शव घर के भीतर ही फांसी के फंदे पर लटकता मिला। उसने खुदकुशी की अथवा हत्या करके लाश लटकाई गई ? फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
मलकिया निवासी मो. शरीफ पेशे से अधिवक्ता हैं। वह चायल तहसील में प्रैक्टिस करते हैं। सोमवार को सुबह ही अधिवक्ता घर से तहसील चले गए। उन्होंने बताया कि उनके कचहरी जाने के बाद पत्नी जमीना बेटे समीर को लेकर दावत में शामिल होने रानीपुर चली गई। पत्नी ने 15 वर्षीय बेटी सुमैया और बेटे सफीर (12) को घर के भीतर करके बाहर से ताला बंद कर लिया था। शाम को अधिवक्ता की पत्नी लौटकर घर पहुंचीं तो देखा कि सफीर लूडो खेल रहा था। जबकि सुमैया का शव फांसी के फंदे से लटक रहा था। घटना की जानकारी पाकर पहुंची पुलिस ने पूछताछ के बाद मृतका का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
अब सवाल यह है कि अधिवक्ता की बीवी ने आखिर 15 साल की बेटी को घर के भीतर करके बाहर से ताला क्यों बंद किया। 15 वर्ष की लड़की काफी हद तक समझदार होती है। वह भटककर तो कहीं जाएगी नहीं। फिर सुमैया ने खुद से फांसी लगाई तो आखिर साथ रहा सफीर लूडो क्यों खेलता रहा। उसे शोर मचाना चाहिए था। घटना को लेकर गांव में कई तरह की चर्चाएं हैं। वहीं, पीड़ित परिवारीजनों की रो-रोकर हालत खराब है।