पश्चिमशरीरा। दरोगा-सिपाहियों की तानाशाही से खफा घोघ पुरवा गांव के ग्रामीणों का गुस्सा गुरुवार को फूट पड़ा। आक्रोशित गांव वालों ने आरोपी पुलिस कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर महेवाघाट कोतवाली का घेराव किया। करीब दो घंटे तक चले हंगामे के बाद इंस्पेक्टर ने कार्रवाई का आश्वासन देकर शांत कराया।
घोघ पुरवा गांव के लोगों का कहना है कि महेवाघाट कोतवाली में तैनात एक दरोगा मनमानी करते हैं। आए दिन वह किसी की साइकिल उठा ले जाता है तो किसी को बिना वजह पकड़कर धनउगाही करता है। ग्रामीणों के मुताबिक गुरुवार सुबह गांव के ही सुनील निषाद, मनोज कुमार, अजय, उमेश व सुशील आदि साइकिल लेकर बोरी में बालू लेने महेवाघाट गए थे। तभी दरोगा तीन सिपाहियों के साथ घाट पहुंचा और सभी को जबरन कोतवाली ले गया। इसकी जानकारी होते ही गांव वाले बिफर पड़े। गांव वालों ने महेवाघाट कोतवाली का घेराव कर दिया। लोगों का गुस्सा देख पुलिस कर्मचारियों के हाथ पांव फूल गए। इंस्पेक्टर अजीत कुमार पांडेय ने पकड़े गए लोगों को आननफानन रिहा कर दिया। साथ ही आरोपी पुलिस कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा दिया। इसके बाद हंगामा कर रहे ग्रामीण शांत हुए। इससे पहले करीब दो घंटे तक कोतवाली में गहमा-गहमी का माहौल बना रहा। गांव वालों की मानें तो बालू लेने की इजाजत उन्हें ठेकेदार ने दे रखी है। दरोगा रुपये ऐंठने के लिए परेशान करता है। मामले में महेवाघाट इंस्पेक्टर अजीत कुमार पांडेय का कहना है कि आरोपी पुलिस कर्मियों के खिलाफ एसपी को रिपोर्ट भेज दी गई है।