नलकूप के लिए कनेक्शन लेने वाले किसान ट्रांसफाॅर्मर, खंबे और तारों के लिए भटकने को मजबूर हैं। मार्च के बाद कनेक्शन के लिए करीब दो सौ से अधिक फाइलें लंबित पड़ी हैं। स्टोर में सामान नहीं होने की वजह से किसान परेशान हैं। अधिकारी भी पूर्वांचल विद्युत निगम लिमिटेड के स्तर से सामान नहीं आने की बात कहकर पल्ला झाड़ रहे हैं।
किसानों को खेतों की सिंचाई के लिए नलकूप के कनेक्शन के लिए ऑनलाइन आवेदन करना पड़ता है। सर्वे होने के बाद एस्टीमेट बनाकर आवेदक किसान से रुपये जमा कराकर लाइन ऑर्डर उपलब्ध करा दिया जाता है। चालू वित्तीय वर्ष के 286 किसान रुपये जमा करने के बाद भी लाइन ऑर्डर लेकर भटक रहे हैं। बिजली के कनेक्शन के लिए खंबा, तार और ट्रांसफॉर्मर आवेदन और भुगतान के चार महीने के बाद भी नहीं मिल सका है।
ऐसे में किसानों को फसल की सिंचाई में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बिजली निगम के अधिकारी बताते हैं कि स्टोर में सामान नहीं होने के चलते नलकूप की लाइन नहीं खिच पा रही है। यह समस्या पूरे पूर्वांचल क्षेत्र में बनी हुई है।
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लघु सिंचाई विभाग द्वारा (दिसंबर 24) में गहरी बोरिंग कराई थी। बिजली कनेक्शन के लिए पत्नी गुलाब देवी के नाम फरवरी में आवेदन किया था। जिसका बिजली विभाग ने 19 अप्रैल को लाइन ऑर्डर बना दिया। अभी तक स्टोर से ट्रांसफॉर्मर, तार व खबा नहीं मिला है। तीन महीने से चक्कर लगा रहा हूं। सिंचाई के अभाव में धान की फसल प्रभावित हो रही है। दामोदर प्रसाद द्विवेदी, टिकरा-बिगहरा उस्मानपुर
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पांच महीने पहले ही विद्युत कनेक्शन के लिए आवेदन किया था। सर्वे होने के बाद दो मई को लाइन आर्डर मिल गया। उस वक्त लगा था कि जल्द ही कनेक्शन हो जाएगा। जब भी बिजली विभाग के स्टोर जाते हैं तो बस यही बताया जाता है कि अभी नंबर नहीं आया है। ढाई महीने बाद भी ट्रांसफाॅर्मर, तार, खंबा नहीं मिलने से नलकूप ठप है।सर्वजीत, चक शिवराजपुर, सिराथू
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286 नलकूप किसानों को ट्रांसफॉर्मर व उपकरण पेंडिंग हैं। दो दिन पहले 72 ट्रांसफाॅर्मर आए हैं। क्रमवार उनका वितरण कराया जा रहा है। ट्रांसफाॅर्मर बनाने वाली कंपनी का पुराना टेंडर खत्म हो गया था। नए टेंडर में देरी की वजह से ट्रांसफाॅर्मर आने में विलंब हो रहा है। अगस्त के अंत तक स्थिति सामान्य हो जाएगी।
अभिषेक कुमार, प्रभारी एसडीओ स्टोर कौशाम्बी/एई स्टोर प्रयागराज
सर्वजीत
सर्वजीत