सफारी से सफर करतीं हैं करोड़पति पल्लवी
सिराथू क्षेत्र से सपा-अपना दल गठबंधन से नामांकन करने वाली पल्लवी पटेल करोड़ों की चल-अचल संपत्ति की मालकिन हैं। निर्वाचन कार्यालय में दाखिल हलफनामे के मुताबिक उनके पास 2.65 करोड़ व पति के पास 2.14 लाख रुपये नकद हैं। विभिन्न बीमा कंपनियों की तीन पालिसी हैं। सफारी गाड़ी से सफर करने वाली पल्लवी पटेल के ने 8.87 लाख रुपये का होम लोन भी ले रखा है। उनके पास 80 ग्राम सोने व 200 ग्राम चांदी के जेवरात भी हैं। पल्लवी पटेल के पास 2.30 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति है। पल्लवी मकान नंबर 315 विष्णुपुरी लेबर कालोनी, अमन पटेल कांप्लेक्स, कानपुर की रहने वाली हैं। वह बायो टेक्नॉलाजी से पीएचडी हैं।
करोड़पति तलत के नाम दर्ज हैं चार मुकदमे
चायल क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी तलत अजीम भी करोड़पति हैं। इनके खिलाफ विभिन्न थानों में चार मुकदमे दर्ज हैं। एक करोड़ से ज्यादा की संपत्ति उनके पास खुद की है। तलत के पास डेढ़ लाख रुपये नकद व बैंक में 30 हजार हैं। वह स्कॉर्पियो वाहन से चलते हैं। 50 ग्राम सोने के गहने उनके पास व इतना ही स्वर्ण आभूषण व 500 ग्राम चांदी के जेवर उनकी पत्नी के पास हैं। तलत के नाम 5.28 लाख बैंक ऋण भी है।
स्कूल के मालिक बसपा प्रत्याशी मुंसब के पास है 70 लाख की संपत्ति
सिराथू सीट से नामांकन करने वाले बसपा प्रत्याशी मुंसब अली उस्मानी के पास नकद 50 हजार रुपये हैं। इसके अलावा 51 हजार रुपये बैंक खाते में हैं। वह एक स्कूल के मालिक हैं। इसमें भी उनकी लाखों रुपये की हिस्सेदारी है। स्कॉर्पियो वाहन के अलावा उनके पास रिवाल्वर और दो नाली बंदूक भी है। मुंसब के पास 70 लाख रुपये की कुल संपत्ति है। जबकि, पत्नी हिना के पास 20 हजार रुपये नकद व तीन हजार रुपये बैंक खाते में हैं। 75 ग्राम सोना व डेढ़ किलो चांदी के गहने भी उनके पास है।
टिकट कटने से नाराज वरिष्ठ कांग्रेसी ने पार्टी छोड़ी
कांग्रेस से टिकट मिलने से नाराज वरिष्ठ कांग्रेसी नेता रजनीश पांडेय ने मंगलवार को संगठन से इस्तीफा दे दिया। मंझनपुर में मीडिया से बातचीत कर रजनीश पांडेय ने कहा कि वह कांग्रेस में विभिन्न पदों पर रह चुके हैं। 2010 में वह जिला पंचायत सदस्य रहे।
रजनीश का कहना है 2012 में उन्होंने चायल से टिकट मांगा, लेकिन सामान्य सीट होने के बाद भी विजय प्रकाश (एससी) को लड़ाया गया। जिस बसपा नेता महेंद्र गौतम को उन्होंने जिला पंचायत के चुनाव में हराया उसे कांग्रेस ने पहले मंझनपुर विधान सभा और बाद में लोकसभा का चुनाव लड़ाया। पार्टी की इन्हीं नीतियों के कारण उन्होंने इस्तीफा दिया है।