फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बरसात और बाढ़ ले डूबी सवा दो करोड़ रुपये की फसल

विज्ञापन
विज्ञापन
बरसात और बाढ़ ले डूबी सवा दो करोड़ रुपये की फसल
विज्ञापन

अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। गंगा-यमुना व ससुर खदेरी नदी के उफान और सितंबर महीने में हुई मूलसाधार बरसात ने करीब सवा दो करोड़ की फसल बर्बाद कर दी। जिले की तीनों तहसील से आई रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है। अब प्रशासन पीड़ित किसानों को जल्द से जल्द मुआवजा मुहैया कराने के लिए जरूरी औपचारिकताएं पूरी करने में जुटा है।
जिले की सिराथू तहसील से होकर गंगा नदी बहती है। गंगा में उफान तो था, लेकिन कछार में सब्जियों की फसल को ज्यादा नुकसान पहुंचा। सबसे ज्यादा नुकसान यमुना और उससे जुड़ी किलनहाई नदी ने नुकसान पहुंचाया। यमुना ने तो किसान को डुबोया ही, साथ ही किलनहाई ने भी काफी नुकसान पहुंचाया। नदियों का उफान थम भी नहीं सका था कि सितंबर के अंतिम पखवाड़े ने भी बची कसर को पूरी कर दी। नदियों से फसल की तबाही देख चुके किसानों के बाद मैदानी इलाके के खेत भी पानी से जलमग्न हो गए। किसानों को हुए नुकसान को लेकर जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने अफसरों की टीम लगाकर खेती को हुए नुकसान का आंकलन कराया। अपर जिलाधिकारी कार्यालय में तीनों तहसीलों से आई रिपोर्ट पर गौर करें तो यहां यमुना व बरसात के कारण करीब दो करोड़ 13 लाख रुपये की फसलों को नुकसान हुआ है। फसलों को हुए नुकसान के बाद अब राजस्वकर्मी किसानों को मुआवजा भुगतान कराने की दिशा में तेजी से प्रयास कर रहे है। पैसा किसान के सीधे खाते में ट्रेजरी से भेजा जा रहा है। ज्यादातर पीड़ित किसानों के खाते में पैसा पहुंच भी चुका है।
विज्ञापन

---
15 लोगों की हो चुकी है मौत
मंझनपुर। बरसात के दौरान घर गिरने या फिर बिजली गिरने के कारण 15 लोगों की मौत हुई है। सभी परिवारों को मुआवजा देने की पहल शुरू हो गई है। कुछ पीड़ित परिवारों को मुआवजे की राशि भी उपलब्ध कराई जा चुकी है।
विज्ञापन

------
इनका कहना है
जिन लोगों के घर या खेती का नुकसान हुआ है, उनके खाते में ट्रेजरी से पैसा 25-25 के ग्रुप में ट्रांसफर किया जा रहा है। अगर खाता नंबर गलत फीड हो गया है तो दिक्कत आती है। फिलहाल मुआवजे से वंचित सभी परिवारों को आच्छादित किया जा रहा है।-मनोज, अपर जिलाधिकारी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें