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Kaushambi : चालक से मिलीभगत कर करोड़ों का काॅपर लूटना चाहते थे बदमाश, मना किया तो ली थी जान

Mon, 19 May 2025 12:05 PM IST
विनोद सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, कौशाम्बी

सार

प्रयागराज-काैशाम्बी हाईवे पर शुक्रवार की रात बदमाश संतोष ने अपने दो साथियों संग हत्या और लूट की वारदात को अंजाम दिया था। कोखराज थाना क्षेत्र में नेशनल हाईवे के किनारे चालक का शव मिलने के बाद उसकी पहचान राजस्थान के अजमेर निवासी साबर मल मीणा-40 वर्ष के रूप में हुई थी।
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संतोष राजभर उर्फ राजू। फाइल फोटो - फोटो : संवाद।
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विस्तार
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काैशाम्बी में ट्रेलर चालक की हत्या कर चार करोड़ का काॅपर लूटने वाले बदमाशों ने पहले चालक से मिलीभगत कर वाहन को हवाले करने की बात कही थी। साथ ही उसे काॅपर बेचकर हिस्सा देने का लालच दिया था, पर जब उन्हें मालूम चला कि चालक स्वयं वाहन का मालिक है और उसने रेलवे का काॅपर वायर लुटवाने से इंकार किया तो बदमाशों ने गोली मारकर उसकी हत्या कर दी। फिर शव को ठिकाने लगाकर वाहन लेकर फरार हो गए थे। पुलिस के अनुसार लूट में शामिल बदमाश संतोष उर्फ राजू ने माैत से पहले स्वयं इसका खुलासा किया है।

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प्रयागराज-काैशाम्बी हाईवे पर शुक्रवार की रात बदमाश संतोष ने अपने दो साथियों संग हत्या और लूट की वारदात को अंजाम दिया था। कोखराज थाना क्षेत्र में नेशनल हाईवे के किनारे चालक का शव मिलने के बाद उसकी पहचान राजस्थान के अजमेर निवासी साबर मल मीणा-40 वर्ष के रूप में हुई थी। अगले दिन यानी शनिवार को संतोष और लूट में शामिल अन्य बदमाश काॅपर को ठिकाने लगाने की तैयारी में थे। इस दाैरान पुलिस से हुई मुठभेड़ में संतोष मारा गया, जबकि उसके दो अन्य साथी फरार हो गए।

पुलिस के अनुसार, मुठभेड़ में मारे गए बदमाश संतोष उर्फ राजू ने मौत के पहले पुलिस की पूछताछ में लूट की वारदात स्वीकार करने संग कई अन्य खुलासे किए। थानाध्यक्ष चंद्रभूषण मौर्य ने बताया कि मुठभेड़ में मारा गया बदमाश साथियों संग हाईवे पर माल लदे वाहनों को पहले मिलीभगत कर लूट का प्रयास करते थे। बात नहीं बनने पर लूट या फिर चोरी की वारदात को अंजाम देते थे।

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इंडोनेशियाई सिमकार्ड से बात करता था मारा गया बदमाश

ट्रेलर चालक की हत्या करने वाले बदमाश शातिर किस्म के थे। वे पुलिस से बचने के लिए वीओआईपी एप के जरिए वाईफाई कॉलिंग करते थे। यही नहीं, मुठभेड़ में मारा गया बदमाश संतोष इंडोनेशिया का सिमकार्ड का इस्तेमाल करता था। उसके पास यह सिम कहां से आया, पुलिस इसकी भी जांच कर रही है। थानाध्यक्ष चंद्रभूषण मौर्य ने बताया कि मुठभेड़ में मारे गए संतोष के पास से जो मोबाइल बरामद हुआ है, उसका सिमकार्ड इंडोनेशिया का है। साथियों से संपर्क के बारे में पूछने पर उसने मोबाइल में वीओआईपी एप दिखाया। बताया कि इसी एप से वह वाईफाई के जरिए बातचीत करते थे, ताकि पुलिस उनकी लोकेशन को ट्रेस न कर सके।
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बदमाश के संपर्क में आए चार कबाड़ी भी गिरफ्तार, तीन कानपुर व एक प्रयागराज का निवासी

मुठभेड़ के पहले पकड़े गए बदमाश संतोष उर्फ राजू ने बताया था कि वारदातों को अंजाम देने के पहले उसकी मुलाकात वर्ष 2016 में मुंबई के रहने वाले इम्तियाज से हुई। उसने कॉपर तार, डीजल, पेट्रोल व अन्य माल लदी गाड़ियों में चोरी व लूट की घटना को अंजाम देने की सलाह दी थी। इम्तियाज ने कानपुर रेल बाजार अंतर्गत चुन्नीलाल चौराहा के शकील से मुलाकात भी कराई। संतोष को शकील ने विश्वास दिलाया था कि वह चोरी व लूट के माल खरीदेगा।

इसके बाद सक्रिय हुई कोखराज पुलिस ने शकील को गिरफ्तार किया। उससे पूछताछ में साथी कबाड़ी मो. अकरम निवासी बाबू पुरवा कानपुर, अमित कुमार निवासी गल्ला मंडी नौबस्ता कानपुर और प्रयागराज के एयरपोर्ट अंतर्गत कटहुला निवासी आफताब का नाम प्रकाश में आया। पुलिस ने सभी आरोपियों को उनके घर व दुकान से शनिवार को ही गिरफ्तार कर लिया। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेजा गया।
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