इंडोनेशियाई सिमकार्ड से बात करता था मारा गया बदमाश
ट्रेलर चालक की हत्या करने वाले बदमाश शातिर किस्म के थे। वे पुलिस से बचने के लिए वीओआईपी एप के जरिए वाईफाई कॉलिंग करते थे। यही नहीं, मुठभेड़ में मारा गया बदमाश संतोष इंडोनेशिया का सिमकार्ड का इस्तेमाल करता था। उसके पास यह सिम कहां से आया, पुलिस इसकी भी जांच कर रही है। थानाध्यक्ष चंद्रभूषण मौर्य ने बताया कि मुठभेड़ में मारे गए संतोष के पास से जो मोबाइल बरामद हुआ है, उसका सिमकार्ड इंडोनेशिया का है। साथियों से संपर्क के बारे में पूछने पर उसने मोबाइल में वीओआईपी एप दिखाया। बताया कि इसी एप से वह वाईफाई के जरिए बातचीत करते थे, ताकि पुलिस उनकी लोकेशन को ट्रेस न कर सके।
बदमाश के संपर्क में आए चार कबाड़ी भी गिरफ्तार, तीन कानपुर व एक प्रयागराज का निवासी
मुठभेड़ के पहले पकड़े गए बदमाश संतोष उर्फ राजू ने बताया था कि वारदातों को अंजाम देने के पहले उसकी मुलाकात वर्ष 2016 में मुंबई के रहने वाले इम्तियाज से हुई। उसने कॉपर तार, डीजल, पेट्रोल व अन्य माल लदी गाड़ियों में चोरी व लूट की घटना को अंजाम देने की सलाह दी थी। इम्तियाज ने कानपुर रेल बाजार अंतर्गत चुन्नीलाल चौराहा के शकील से मुलाकात भी कराई। संतोष को शकील ने विश्वास दिलाया था कि वह चोरी व लूट के माल खरीदेगा।
इसके बाद सक्रिय हुई कोखराज पुलिस ने शकील को गिरफ्तार किया। उससे पूछताछ में साथी कबाड़ी मो. अकरम निवासी बाबू पुरवा कानपुर, अमित कुमार निवासी गल्ला मंडी नौबस्ता कानपुर और प्रयागराज के एयरपोर्ट अंतर्गत कटहुला निवासी आफताब का नाम प्रकाश में आया। पुलिस ने सभी आरोपियों को उनके घर व दुकान से शनिवार को ही गिरफ्तार कर लिया। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेजा गया।