साइबर ठगी की शिकार बबिता का पैसा वापस मिला और न ही पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया। उसकी सारी कवायदों की जानकारी रखने वाला साइबर अपराधी इतना बेखौफ है कि अब वह उसे अपने गिरोह का सदस्य बनाने के लिए फोन कर रहा है। उसे किसी बैंक में खाता खोलने का लालच दिया जा रहा है।
पइंसा कोतवाली के अनेठा गांव की बबिता पत्नी राजू का कहना है कि 10 दिन पहले उसने पेन-पेंसिल पैकिंग का विज्ञापन फेसबुक पर देखा। लिंक खोलने पर एक अंजान नंबर से उसके पास फोन आया।
रजिस्ट्रेशन और जीएसएटी के नाम पर तीन किस्तों में 56 सौ रुपये जमा कराए गए। इसके बाद उससे और पैसों की मांग की जाने लगी। ठगी का एहसास होने पर बबिता ने तत्काल साइबर क्राइम के कंट्रोल रूम के टोल फ्री नंबर 1930 पर व ऑनलाइन पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई।
बबिता का कहना है कि साइबर सेल से उसे पता चला कि पैसा पश्चिम बंगाल में ट्रांसफर किया गया है। बबिता का कहना है कि साइबर अपराधी को न जाने कैसे उसकी हर कार्रवाई के बाबत जानकारी मिल जा रही है। उसे बराबर फोन करके कहा जा रहा है कि पैसा पाना भूल जाओ।
अगर पैसा कमाना है तो किसी भी बैंक में सौ-दो सौ रुपये का खाला खुलवा लो। वह लोग ऐसे ही उसके खाते में भी पैसा भेजेंगे। जिसमें से उसे भी हिस्सा दिया जाएगा। खासबात यह है कि जिस नंबर से फोन करके ठगी की गई उसी नंबर से ही बराबर फोन आ रहा है।