बैंककर्मी ने जागरूकता से अपने 4.10 लाख रुपये बचा लिए। साइबर अपराधियों ने विदेश के डॉक्टर से परामर्श के नाम पर झांसा देकर पैसा ट्रांसफर करा लिया था। ठगी का अहसास होने पर बैंककर्मी ने साइबर क्राइम कंट्रोल की वेबसाइट पर ऑनलाइन शिकायत की तो पैसा होल्ड कर दिया गया। मामले में रविवार को सदर कोतवाली में घटना की रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
पंजाब नेशनल बैंक सिराथू के कर्मचारी राघवेंद्र द्विवेदी की पत्नी गर्भवती हैं। उनकी तकलीफ बढ़ी तो किसी अच्छे डॉक्टर से परामर्श के लिए राघवेंद्र ने प्रयागराज के एक निजी अस्पताल के स्टॉफ को जानकारी दी। राघवेंद्र का कहना है कि 27 मार्च को उनके मोबाइल पर अनजान नंबर से कॉल आई। फोन करने वाले ने कहा कि आपने जो विदेश के चिकित्सक से सलाह के लिए कहा था उनकी फीस 55 हजार रुपये है। चिकित्सक को बुलाने के लिए संजय व सुमित नाम के व्यक्ति का खाता नंबर दिया गया।
उन्होंने दोनों खातों में पैसा जमा कर दिया। पैसा ट्रांसफर होने के बाद राघवेंद्र के खाते से कई बार में 4.10 लाख उड़ गए। पैसा ट्रांसफर होने के बाद जब राघवेंद्र ने फोन करके उक्त नंबर पर बताना चाहा तो वह स्वीच ऑफ आ रहा था।
अस्पताल से बात करने पर पता चला कि सुमित व संजय नाम का कोई भी व्यक्ति उनके यहां नियुक्त ही नहीं है। इस पर उन्हें ठगी का एहसास हुआ। उन्होंने फौरन नेशनल साइबर क्राइम कंट्रोल रूम की साइट पर शिकायत दर्ज कराई।राघवेंद्र की शिकायत पर पुलिस ने रविवार को घटना की रिपोर्ट दर्ज कर ली है। राघवेंद्र का कहना है पैसा होल्ड हो गया है, लेकिन अब तक उनके खाते में वापस नहीं आया।
साइबर ठगी के शिकार हैं तो इनसे लें मदद
-नेशनल साइबर क्राइम कंट्रोल रूम 1930 पर कॉल करें
-साइबर कैफे से ऑनलाइन रजिस्ट्रर्ड कराएं एफआईआर
-जिले के साइबर थाना या साइबर सेल से ली जा सकती है मदद