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घर के भीतर जल मरीं मां-बेटी

Wed, 09 Aug 2017 01:47 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
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क्राइम
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रोही गांव में सोमवार रात घर के भीतर मां-बेटी आग का गोला बन गईं। मासूम की मौके पर ही मौत हो गई जबकि मां ने जिला अस्पताल में दम तोड़ा। रात में खाना बनाते समय घटना हुई। हादसे से परिवार में कोहराम मचा है।
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कोखराज थाना क्षेत्र के रोही गांव का मनोज कुमार खेती किसानी कर परिवार की जीविका चलाता है। सोमवार शाम वह बेटी प्रियंका (06) और रिंकी (04) को लेकर ससुराल बघेलापुर चला गया। घर में पत्नी सीमा देवी (35) चार माह की मासूम बच्ची रेनुका के साथ थी। रात में मासूम बच्ची को गोद में लेकर वह खाना बना रही थी। इसी दौरान ढिबरी गिरने से वह आग की जद में आ गई। चीख पुकार सुन मोहल्ले के लोग भागकर मौके पर पहुंचे। जब तक लोग मां-बेटी को बचाने का प्रयास करते मासूम बच्ची की मौत हो गई। आनन-फानन मोहल्ले के लोग घटना की जानकारी पुलिस को देते हुए विवाहिता को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। मगर विवाहिता ने भी दम तोड़ दिया। पुलिस ने जांच-पड़ताल के बाद शव कब्जे में लेते हुए पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मां-बेटी की मौत के बाद से पीड़ित परिवार का रो-रोकर हाल बेहाल है।

मनोज पर टूटा दुखों का पहाड़
रोही गांव का मनोज मां-बाप की मौत के बाद पत्नी सीमा और तीन बेटियों के साथ गुजारा कर रहा था। उसे क्या पता था कि वह ससुराल से लौटेगा तो उसकी बीवी और बेटी नहीं मिलेंगी। मासूम बच्ची के साथ पत्नी का शव देख वह फूट-फूटकर रो पड़ा। पत्नी और बेटी की मौत से उसके ऊपर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
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घर सूना न होता तो शायद बच जाती जान
रोही गांव में घर के भीतर आग का गोला बनी सीमा देवी और मासूम बच्ची चीखती रही। मां-बेटी की चीत्कार चहारदीवारी में ही कैद रह जाती यदि आग की लपटों को देखकर मोहल्ले वाले भागकर वहां न पहुंचते। मौके पर पहुंचे लोगों ने मां-बेटी को बचाने की पूरी कोशिश की लेकिन वे इतना जल चुकी थीं  कि उनकी जिंदगी नहीं बचाई जा सकी।
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