चायल सर्किल के सराय अकिल कस्बे में कागज की पर्ची पर जुआ खेला जा रहा है। लखपति बनने की लालच में लोगों की गाढ़ी कमाई लुट रही है और कारोबारी मालामाल हो रहे हैं। कस्बे के एक विद्यालय के बगल चल रहे कारोबार में अब तक कई युवा बर्बाद हो चुके हैं। स्थानीय पुलिस के संरक्षण के चलते बेखौफ संचालित हो रहा यह अवैध कारोबार इलाकाई युवाओं को अपनी आगोश में लेता जा रहा है।
सराय अकिल कस्बे में कागज की पर्ची पर जुए का कारोबार धड़ल्ले से हो रहा है। इसमें ताश के पत्ते की जगह कागज की पर्ची का प्रयोग संचालक द्वारा किया जाता है। कारोबारी इस खेल में प्रतिदिन 0 से 9 नम्बर तक की पर्ची 13 रुपये में देते हैं। 15 मिनट में लगभग दो से ढाई हजार पर्चियों का वितरण हो जाता है। इसके बाद रिपोर्ट कारोबार के सरगना को जरिए फोन भेजी जाती है। 15 मिनट बाद इन नंबरों किसी एक का खुलासा कर दिया जाता है।
खुलासे वाली पर्ची के खरीददारों को निर्धारित रकम देकर बाकी नंबरों का पैसा कारोबारी डकार लेते हैं। खुलने वाले नंबर पर सौ रुपये दिए जाते हैं। सूत्रों की माने तो सुबह आठ बजे से रात दस बजे तक इस अवैध कारोबार में प्रतिदिन पांच से छह लाख का गेम होता है। मौजूदा समय में यह खेल कस्बे के कैलाशा देवी बालिका विद्यालय के ठीक बगल स्थित मोबाइल टावर के सामने कमरों से हो रहा है। लखपति बनने के चक्कर में कस्बे और आस-पास के गांवों के युवा प्रतिदिन हजारों रुपये की पर्ची खरीदकर अपनी जेब ढीली करते हैं।
इस अवैध धंधे के बावत इलाकाई पुलिस को पूरी जानकारी है लेकिन सब कुछ जानते हुए भी पुलिस इलाकाई युवाओं की बर्बादी के खेल को देख रही है। जुए के इस अवैध कारोबार में स्थानीय दो युवाओं के अलावा एक व्यक्ति इलाहाबाद का है। कस्बे के युवा मौके पर रहकर कारोबार का संचालन करते हैं तो इलाहाबाद का युवक पूरा मैनेजमेंट संभालता है। युवाओं की बर्बादी के इस खेल को लेकर कस्बे के लोगों में खासी नाराजगी है।
कस्बे में संचालक युवाओं को पर्ची करीब 15 मिनट तक बांटता है। इस दौरान ढाई से तीन हजार नंबर बंटने के बाद रिपोर्ट तैयार कर कंप्यूटर में फीड किया जाता है। इसके कुछ मिनट बाद फोन पर यह सूचना आ जाती है कि फला नंबर खुला है। यहां पर खास बात यह है कि कारोबारी उसी नंबर को खोलने का काम करते हैं जिसकी बिक्री सबसे कम होती है। ऐसे में कारोबारियों की कमाई अधिक और भुगतान कम करना पड़ता है।
सराय अकिल कस्बे में संचालित हो रहे जुए के अवैध कारोबार में गाढ़ी कमाई गंवाने के बाद युवा जरायम की ओर अग्रसर होने लगते हैं। जुआ खेलने के लिए जब उनके पास पैसे नहीं रह जाते तो वह घर का बर्तन तक बेंचने से नहीं चूकते। जब कोई रास्ता नहीं बचता तो वह इलाके में लूट, चोरी आदि घटनाओं को अंजाम देने लगते हैं। यदि इस पर समय रहते रोक न लगी तो सराय अकिल क्षेत्र में अपराधियों की एक फौज तैयार हो सकती है।
किसी भी तरीके का जुआ अथवा लाटरी पूरी तरह से अवैध है। कस्बे में ऐसा खेल हो रहा है तो उसे तत्काल प्रभाव से बंद कराया जाएगा। मौके पर पकड़े गए लोगों के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी।
रामभवन यादव, सीओ चायल