फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

तालाब में डूबने से किशोरी की मौत

Wed, 13 Apr 2016 11:46 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
किशोरी की मौत से घर-परिवार में कोहराम
विज्ञापन
 संदिग्धदशा में बुधवार को कोर्रों गांव की किशोरी की मौत हो गई। घर के समीप स्थित तालाब में उसकी लाश उतराई मिली। घरवालों के मुताबिक किशोरी तालाब में कपड़े धुलने गई थी। पैर फिसलने से उसके गहरे पानी में चले जाने से यह हादसा हुआ है। किशोरी की मौत से घर-परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
विज्ञापन

मंझनपुर कोतवाली क्षेत्र के कोर्रों गांव निवासी कमलेश कुमार मजदूर है। बुधवार की सुबह वह और परिवार के अन्य सदस्य खेतों में काम करने के लिए गए थे। घर में उसकी बड़ी बेटी विनीता और छोटी बेटी मंजुला घरेलू कामकाज के लिए थी। दोपहर में करीब 11.30 बजे छोटी बेटी मंजुला (16) की लाश घर से लगभग 100 मीटर दूर स्थित तालाब में उतराई मिली। तालाब की ओर से गुजरे गांव के एक युवक की नजर तालाब में उतराए शव पर पड़ी तो उसके होश उड़ गए। शोर सुनकर गांववाले जुट गए। सूचना पर रोते-बिलखते परिवार के लोग भी आए। ग्रामीणों ने शव को बाहर निकालकर जिला अस्पताल पहुंचाया। जहां चेकअप करते ही चिकित्सकों ने किशोरी को मृत घोषित कर दिया। बताया जाता है कि तालाब किनारे धुले हुए कपड़े, बाल्टी मिली है। इससे माना जा रहा है कि किशोरी कपड़े धुलने गई थी। जहां पैर फिसलने से उसके गहरे पानी में चले जाने से यह हादसा हो गया। किशोरी की मौत से घर में कोहराम मचा हुआ है। घरवालों ने हादसे की जानकारी पुलिस को दिए बगैर शव का अंतिम संस्कार कर दिया।


10 दिन बाद है बड़ी बेटी का ब्याह
मंझनपुर (ब्यूरो)। नगर कोतवाली के कोर्रों गांव निवासी कमलेश कुमार दिहाड़ी करके परिवार की जीविका चलाता है। उसकी बड़ी बेटी की 23 अप्रैल को शादी है। पूरा परिवार बेटी की शादी की तैयारी में जुटा है। घर में बेटी के ब्याह की खुशियां थी। पर, इसी बीच बुधवार की दोपहर हुए हादसे में उसकी छोटी बेटी मंजुला (16) की जान चली गई। बड़ी बेटी को डोली में बैठाने से पहले छोटी बेटी की अर्थी उठने से पूरे परिवार में मातम पसरा है। हफ्तेभर बाद जिस घर में बेटी की शादी के मंगलगीत गूंजने वाले हैं। वहीं बुधवार को छोटी बेटी की मौत का रूदन गूंज रहा था। तालाब में डूबने से हुई किशोरी की मौत से कमलेश, उसकी पत्नी, बहन, भाई और परिवार के अन्य सदस्यों की रो-रोकर हालत खराब बनी हुई है। रोते परिजनों को ढांढस बंधाने जुटी गांव की महिलाएं भी अपने आंसू नहीं रोक पा रही थीं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें