लोककला को जिंदा रखने के लिए भारतीय लोक कला संस्कृति मंत्रालय द्वारा गांव-गांव लोकगीत, नौटंकी, बिरहा आदि कार्यक्रमों का आयोजन ग्रामीण कलाकारों से कराया जा रहा है। इस क्रम में सोमवार को म्योहर गांव के केशव देवी शिवनंदन सिंह इंटर कालेज में सतर्क रहें बुढ़ापा महंगा पड़ेगा नाटिका का सजीव मंचन कलाकारों ने किया। मंचन में दर्शाया गया कि बुढ़ापा आने के बाद व्यक्ति भोजन, पानी से लेकर सभी जरूरत की चीजों के लिए परिजनों पर निर्भर हो जाता है।
शरीर के साथ नहीं देने पर उसके अपने सगे भी ध्यान नहीं देते और वह उम्मीद भरी नजरों से टकटकी लगाए देखता रहता है। बुढ़ापे में समाज की असलियत का मंचन कर कलाकारों ने खूब वाहवाही बटोरी वहीं दर्शक भावविभोर हो उठे। मंचन करने वाले कलाकारों में मनोज कुमार, शिवपाल, अजय कुमार, जगन्नाथ, राजेश कुमार, राम बहादुर, मिश्रीलाल, गुरू प्रसाद, रामसूरत, रामचंद्र, रामलौटन, अशोक रसिया आदि कलाकार शामिल रहे।