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बालू गुम, कारोबारी गुमसुम

Mon, 16 Jan 2017 01:01 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
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 सीबीआई कभी भी यहां आ सकती है। प्रशासनिक गलियारे में इसकी चर्चा तेज हो चुकी है। सुगबुगाहट बढ़ी तो उन कारोबारियों की नींद उड़ गई, जो सीबीआई का सामना वीवीआईपी गेस्ट हाउस में कर चुके हैं। सीबीआई के सवालों का किन हालातों में इन्होंने सिलसिलेवार जवाब दिया था, यह कारोबारी ही जानते हैं। अब वह दोबारा सामना करने की स्थिति में नहीं है। सीबीआई की चर्चा ने इन कारोबारियों का दिन का चैन और रात की नींद हराम कर दी है।
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   कौशाम्बी में बालू के अवैध खनन को लेकर उच्च न्यायालय ने सीबीआई जांच बैठा दी थी। न्यायालय के आदेश पर जिले में अगस्त 2016 में सीबीआई टीम ने तत्कालीन खनन अधिकारी अरविंद कुमार को साथ लेकर एक-एक घाट का सघन निरीक्षण किया था। इस दौरान टीम ने महेवाघाट थाने के सन्यासीपुर, जमुनापुर, पश्चिमशरीरा के पभोषा, कटरी, डेढ़ावल, कौशाम्बी थाने के महिलाघाट, सरायअकिल के भखंदा, तिल्हापुर व पिपरी के ब्यूर, नेवादा आदि स्थानों पर हजारों घन मीटर डंप बालू को सीज किया था। बालू सीज करने के बाद सीबीआई ने पट्टाधारकों को एक-एक कर तलब किया था। इन कारोबारियों से अलग-अलग सीबीआई ने घंटों पूछताछ की थी। पूछताछ में सीबीआई के हाथ कई सुराग लगे थे, साथ ही यह  भी पता चला था कि बालू कहां-कहां डंप की गई है। रही सही कसर सीबीआई की टीम ने दोबारा आकर पूरी की थी। 15 दिन की जांच के बाद सीबीआई ने बंद लिफाफे में रिपोर्ट न्यायालय को सौंप दी थी। इसके बाद जांच बंद हो गई थी। सुप्रीमकोर्ट ने सीबीआई जांच को हरी झंडी दे दी है। इससे बालू के अवैध कारोबारियों के ठंड में पसीने छूटने लगे हैं। सबसे ज्यादा वह कारोबारी परेशान हैं, जिनके इलाके से सीज बालू गायब हो गई है। अब उनमें इस बात का खौफ है कि सीबीआई टीम द्वारा बुलाए जाने पर वह बेची गई बालू का क्या जवाब देंग?

इन कारोबारियों को सीबीआई ने किया था तलब
अवैध खनन की जांच करने जिले में आई सीबीआई टीम ने आधा दर्जन से अधिक कारोबारियों को कांशीराम अतिथि गृह में तलब किया था। इसमें जोश महराज, संतोष तिवारी, पिंटू महराज, नरनारायन मिश्र, राम प्रकाश, शकील अहमद, ओम प्रकाश त्रिपाठी, खेमराज सिंह, राजू सिंह आदि शामिल हैं। इनके अलावा सीबीआई ने सिंडीकेट के सदस्य रिजवान और काके समेत इनको किराए पर मकान देने वाले मालिक को भी तलब कर सवाल-जवाब किया था।
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बच निकले थे कई कारोबारी
अगस्त 2016 में जांच करने आई सीबीआई टीम द्वारा 15 दिन सघन जांच की गई थी। इस दौरान टीम सिर्फ यह जानने की कोशिश में थी कि अवैध खनन हुआ या नहीं। टीम ने यह जानने की विशेष कोशिश नहीं की थी कि अवैध खनन के खेल में कौन और कितने लोग शामिल हैं। अवैध खनन की पर्याप्त जानकारी लिस्टेड कारोबारियों से मिलने बाद टीम लौट गई थी, लेकिन इस बार टीम के हाथ उन लोगों के गिरेबान तक भी पहुंचेंगे जिन्होंने सिंडीकेट के इशारे पर घाट-घाट पर अवैध खनन कर करोड़ों की कमाई कर रखी है।
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