कोर्रो गांव के शिवसेना समर्थक के कातिलों का घटना के 36 घंटे बाद भी सुराग नहीं लग सका। बुधवार की सुबह जमीनी रंजिश में पड़ोसियों ने पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया था। भोर में जमीन कब्जाने के विरोध में वारदात को अंजाम दिया गया था। पुलिस नामजद हत्यारोपियों की तलाश में कई संभावित ठिकानों पर दबिश भी दी पर, आरोपी कहीं नहीं मिले। पुलिस नजदीकी रिश्तेदारों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है।
मंझनपुर कोतवाली के कोर्रो गांव का रहने वाला राम विलास (48) पुत्र बच्चा लाल सिराथू विधानसभा क्षेत्र के शिवसेना पार्टी का समर्थक था। राम विलास का पड़ोसी अरूण कुमार से चहरी बनाने को लेकर विवाद चल रहा था। इसी रंजिश में बुधवार की भोर में हुई झड़प के बाद पड़ोसी ने साथियों के साथ मिल राम विलास की पीटकर हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देेने के बाद कातिल शव को जिला अस्पताल के बाहर फेंक कर फरार हो गए थे। मृतक की पत्नी रन्नो देवी ने पड़ोसी बचई के बेटे अरूण कुमार, सुनील कुमार और दिलीप के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर कातिलों की खोजबीन शुरू की। घटना के 36 घंटे बीत जाने के बाद भी पुलिस को कातिल मिलना तो दूर सुराग तक नहीं लग सका। पुलिस घटना के बाद से हवा में तीर चला रही है।