जिले में पल्स पोलियो अभियान का सुरक्षा चक्र टूटता नजर आ रहा है। चायल कस्बे की एक मासूम बच्ची में पोलियो का लक्षण मिलने से स्वास्थ्य विभाग में खलबली मच गई है। विभागीय डॉक्टरों की टीम ने सोमवार को मौके पर पहुंचकर जांच-पड़ताल की। साथ जांच के लिए पीड़ित का स्टूल कलेक्सन शुरू कर दिया।
पोलियो के खात्मे को सरकार ने प्रत्येक महीने सघन अभियान चलाने का निर्देश दे रखा है। इस राष्ट्रीय कार्यक्रम के दौरान पोलियो की दवा पीने से कोई भी बच्चा वंचित न रहने पाए, इसके लिए पूरी मशीनरी लग जाती है। महीने में एक दिन बूथों पर तो सप्ताह भर डोर-टू-डोर अभियान चलाया जाता है। इसकी मानीटरिंग करने के लिए टास्क फोर्स तक बनाई गई है। बावजूद इसके दोआबा में सुरक्षा चक्र टूटता नजर आने लगा है। इसका नमूना कस्बे के घूरीपर मोहल्ला निवासी में देखने को मिल रहा है।
यहां की रहने वाली राधिका (03) पुत्री भोला सरोज का पांच जनवरी को अचानक बायां पैर लुंज हो गया। बच्ची की हालत बिगड़ने से घबराए परिजन मनौरी स्थित पोलियो रिपोर्टिंग सेंटर पर ले गए। यहां लकवा विशेषज्ञ डॉ. एच एल मिश्र ने प्रारंभिक जांच के बाद बच्ची में पोलियो के लक्षण की जानकारी दी तो परिजनों के साथ ही स्वास्थ्य विभाग के होश उड़ गए। सूचना के बाद सीएचसी चायल के चिकित्सा प्रभारी डॉ. मुक्तेश द्विवेदी सोमवार को अपनी टीम के साथ बच्ची के घर पहुंच गए। टीम ने जांच-पड़ताल के बाद बीमारी के लक्षण देख पीड़ित के स्टूल कलेक्शन शुरू करा दिया।
चिकनपॉक्स से पीड़ित थी बच्ची
मासूम बच्ची राधिका महीने भर पहले चिकनपॉक्स की जद में आ गई थी। इलाज के बाद उसकी तबीयत में सुधार आ गया था। लेकिन महीने भर की बीमारी के कारण सेहत काफी गिर चुकी है। इधर बीच पांच जनवरी को खेलते-खेलते बच्ची का अचानक बायां पैर लुंज होने से अब वह चलने-फिरने में असमर्थ हो गई है।
सात साल पहले अलीगढ़ में मिला था अंतिम केस
पोलियो का अंतिम केस छह साल पहले उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जनपद में मिला था। इसके बाद चार साल तक देश भर में पोलियो का कोई मरीज नहीं मिलने पर विश्व स्वास्थ्य संगठन ने वर्ष 2015 में भारत को पोलियो मुक्त घोषित कर दिया था। सोमवार को कौशांबी की मासूम बच्ची में लक्षण मिलने से जिम्मेदारों में हड़कंप मच गया है। लगातार अभियान चलाने के बावजूद कहां चूक रह गई? महकमे के जिम्मेदार इसका जवाब खोजने में जुट गए हैं।
बोले चिकित्सक
चायल कस्बे के घूरी पर मोहल्ले की मासूम राधिका का बायां पैर अचानक लुंज होने की सूचना पर डॉक्टरों की टीम गई थी। बच्ची का स्टूल कलेक्टकर जांच के लिए लखनऊ भेजा जाएगा। रिपोर्ट आने के बाद ही बच्ची की बीमारी का पता चल सकेगा।
डॉ मुक्तेश द्विवेदी-सीएचसी प्रभारी,चायल