इक्कीसवीं सदी में भी लोग बेटे की चाह से नहीं उबर पा रहे हैं। अभी भी बेटी पैदा होने के लिए दोष बहू को ही दिया जाता है। इलाहाबाद के झूंसी स्थित सावित्रीनगर में ब्याही युवती इसका उदाहरण है। उसको बेटी जनना महंगा पड़ गया। हैवान बने ससुराल वालों ने यातना देते हुए मां-बेटी को घर से निकाल दिया। मायके पहुंची युवती ने आपबीती परिजनों को बताई। शुक्रवार को पीड़िता की तहरीर पर सरायअकिल पुलिस ने सास, ससुर और देवर समेत चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
सरायअकिल थाना क्षेत्र के जुगराजपुर गांव की रेनू देवी पुत्री लवकुश की शादी दो साल पहले इलाहाबाद के सावित्री नगर झूंसी में राजन त्रिपाठी से हुई थी। विवाहिता ने बताया कि शादी के बाद से सब कुछ ठीक-ठाक चल रहा था। कुछ दिन पहले उसने बेटी को जन्म दिया। बस बेटी पैदा होने के बाद से ही सास-ससुर के साथ अन्य लोगों का व्यवहार बदल गया। छोटी-छोटी बातों पर उसे प्रताड़ित किया जाने लगा। यह बात उसने पति को बताई पर वह भी खामोश रहा।
पखवारे भर पहले सारी हदें पार करते हुए ससुराल के लोगों ने जान से मारने की धमकी देते हुए नवजात बच्ची समेत उसको घर से भगा दिया। मायके पहुंची विवाहिता ने आपबीती परिजनों को बताई। दोनों परिवारों के बीच पंचायत भी हुई। मगर बात नहीं बनी। शुक्रवार को पिता के साथ थाने पहुंची विवाहिता ने घटना की नामजद तहरीर पुलिस को दी। पीड़िता की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी सास, ससुर, देवर समेत चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। एसओ अनिल सिंह ने बताया कि घटना की जांच की जा रही है। तहकीकात के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।