किशोरी को अगवा कर गैंगरेप के पांच साल पुराने मामले की बुधवार को एडीजे प्रथम की कोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट ने सामूहिक दुष्कर्म के आरोपी तीन युवकों को 20-20 साल का कठोर कारावास व अगवा करने में शामिल आठ अभियुक्तों को पांच-पांच वर्ष की कैद की सजा सुनाई। साथ ही आरोपियों पर 36-36 हजार तथा 11-11 हजार का अर्थदंड भी लगाया है।
मंझनपुर कस्बे की एक किशोरी 12 जून 2013 को घर से चप्पल खरीदने बाजार गई थी। इस दौरान भरे बाजार किशोरी को टवेरा सवार युवकों ने उसे अगवा कर लिया। दिनदहाड़े हुई घटना से कस्बे में सनसनी फैल गई थी। खोजबीन के बावजूद सुराग नहीं लगने पर किशोरी के पिता ने नगर कोतवाली में कस्बे के ही अकरम, फैज, सफराज, फसहद, तारे, चांदबाबू, कमरुल, सानू, अफरोज, राकेश उर्फ हौलट तथा मंझनपुर नगर पंचायत चेयरमैन के चचेरे भाई मोहसिम समेत 11 युवकों के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया। प्राथमिकी दर्ज कर अभियुक्तों की तलाश में जुटी पुलिस ने 29 जून को सरायअकिल के कटरा से अभियुक्तों को गिरफ्तार कर किशोरी को बरामद कर लिया।
किशोरी ने अदालत में बयान दिया कि टवेरा गाड़ी में भरने के बाद अकरम, फैज व सरफराज ने बेहोश करने के बाद बारी-बारी से उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद नागपुर में बंधक बनाकर रखा। इस पर इन तीनों के खिलाफ गैंगरेप का भी मुकदमा बढ़ा दिया गया। विवेचना के बाद कोतवाली पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। मुकदमे की सुनवाई अपर जनपद सत्र न्यायाधीश प्रथम सीताराम वर्मा की अदालत में चली। शासकीय अधिवक्ता तीरथ सिंह ने छह गवाहों को प्रस्तुत किया। पत्रावली में मौजूद साक्ष्य एवं दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अदालत ने बुधवार को अपना फैसला सुना दिया।