कांग्रेसियों ने मंगलवार को शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए पदयात्रा निकाली। पदयात्रा पार्टी कार्यालय से ओसा स्थित रैन बसेरा तक गई। कांग्रेस कमेटी के प्रदेश उपाध्यक्ष रामयज्ञ द्विवेदी ने कहा कि नौ अगस्त 1942 के दिन को भुलाया नहीं जा सकता। इस दिन ही क्रांतिकारियों ने अंग्रेजों को भगाने का काम किया था। अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ गांधीजी, सी. राजगोपालाचारी व सुभाष चंद्र बोस ने आवाज उठाई थी। इन महापुरुषों ने देशवासियों को अंग्रेजों से मुक्ति दिलाने के लिए जीवन न्योछावर किया था। व्यापार सभा के प्रदेश संयोजक रमेश चंद्र अग्रहरि ने कहा कि आजादी के आंदोलन में हिंदू, मुस्लिम, सिक्ख आदि धर्मों के लोगों ने देश का नाम रोशन किया था। लेकिन दुर्भाग्य है कि आज हिंदू, मुस्लिम एकता को समाज से तोड़कर सांप्रदायिक ताकतें सियासत की रोटी सेंकने का काम कर रही हैं।
कार्यकर्ता आजादी के नायकों के सपनों को टूटने नहीं देंगे। प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य लालचंद्र कुशवाहा ने कहा कि कांग्रेस किसानों, गरीबों, मजलूमों, अल्पसंख्यकों की पार्टी है। पदयात्रा का नेतृत्व जिलाध्यक्ष तलत अजीम ने किया। इस दौरान राजेंद्र त्रिपाठी, दीपक पांडेय, शाहिद सिद्दीकी, सत्येंद्र प्रताप सिंह, नैयर रिजवी, एहसान उस्मानी, आरके मिश्र, रामनरेश, लालती देवी, मनोज पटेल, पताली मौर्य, शशिकांत सोनकर, रंजीत यादव, संतोष सिंह पटेल, हेमंत रावत, अशोक पटेल आदि रहे।