मंझनपुर। सरायअकिल के कोटिया गांव के चर्चित श्रीप्रकाश हत्याकांड की गुत्थी बृहस्पतिवार को पुलिस ने सुलझा ली है। पुलिस के मुताबिक गांव के ही एक व्यक्ति ने अपने चाचा की पिटाई से खफा होकर भाड़े के हत्यारों से यह कत्ल कराया था। उसने एक शूटर को हत्या की 60 हजार रुपये में सुपारी दी थी। पुलिस ने शूटर को गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही उसकी निशानदेही पर पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त तमंचा भी बरामद करने का दावा किया है।
बता दें कि सरायअकिल कोतवाली क्षेत्र के कोटिया गांव निवासी श्रीप्रकाश उर्फ धुन्नू पुत्र मुन्नूलाल की 25 जनवरी 2015 की सुबह करीब पांच बजे खेत की ओर जाते समय गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में मृतक के भाई अमिताभ की तहरीर पर गांव के ही लल्लन और उसके दोस्त राजा के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की थी। पुलिस ने हत्या में नामजद किए गए लल्लन को गिरफ्तार करके जेल भी भेज दिया था।
इधर घटना की तफ्तीश में जुटी पुलिस ने बृहस्पतिवार को श्रीप्रकाश हत्याकांड में एक नया खुलासा किया है। एसपी रतन कांत पांडेय ने बताया कि गांव के रहने वाले धनंजय के चाचा को मामूली विवाद पर श्रीप्रकाश ने घटना से महीने भर पहले पीट दिया था। इसी के बाद दोनों परिवारों में तनातनी बनी थी। इसी पिटाई का बदला लेने के लिए धनंजय ने असरावल खुर्द गांव के मिलन पाल के जरिए नियाज अहमद को 60 हजार रुपये में श्रीप्रकाश के कत्ल की सुपारी दी थी।
बुधवार की रात एसओजी के साथ कोतवाली पुलिस ने सुपारी किलर नियाज अहमद को पुरखास गांव के समीप से धर दबोचा। बकौल एसपी उसने बताया कि वारदात को अंजाम देने के लिए वह एक दिन पहले ही कोटिया गांव पहुंच गया था। पुलिस ने पूछताछ के बाद उसकी निशान देही पर हत्या में प्रयुक्त तमंचा भी बरामद कर लिया है। पुलिस ने पकड़े गए शूटर को जेल भेज दिया है। साथ ही धनंजय और मिलन पाल की तलाश में पुलिस जुट गई है।