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कौशाम्बी के राजकरन के वंश में नहीं बचा कोई

Thu, 13 Jun 2019 12:58 AM IST
shailendra Kumar अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
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कोखराज कोतवाली के ककोढ़ा गांव के समीप मंगलवार की शाम ट्रक की चपेट में आए बाइक सवार युवक व उसके तीन बच्चों की मौत के बाद जख्मी पत्नी ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। महिला को इलाज के लिए प्रयागराज के अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बुधवार को गांव में एक साथ पांच शवों का अंतिम संस्कार किया गया। पांच मौत के साथ ही राजकरन के वंश में अब कोई नहीं बचा।
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सैनी कोतवाली के खोजवापुर मजरा पथरावां गांव निवासी राजकरन की शादी प्रयागराज के पीपल गांव में रहने वाली अनीता के साथ हुई थी। राज करन के तीन बच्चे क्रमश: करन (5), बाबू (7) और बेटी अंजलि (9) थी। मंगलवार को सभी लोग प्रयागराज से एक ही बाइक में सवार होकर घर लौट रहे थे। ककोढ़ा के समीप विपरीत दिशा से आ रहे ट्रक ने बाइक में जोरदार टक्कर मार दिया। हादसे में बाइक सवार राजकरन व उसके तीनों बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई। राजकरन की पत्नी अनीता को गंभीर चोट आई थी। इलाज के लिए उसे पहले कशिया के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया बाद में हालत नाजुक देख चिकित्सकों ने उसे प्रयागराज रेफर कर दिया था।

रात को इलाज के दौरान अनीता ने भी दम तोड़ दिया। इन पांच लोगों की मौत के साथ ही राजकरन के वंश का भी दुखद अंत हो गया। बुधवार को पांच शव गांव पहुंचे तो कोहराम मच गया। राजकरन का दिव्यांग पिता लंबरी अपने आंसू रोक नहीं पा रहा है। उसका कहना है कहने को तो उसके सात बेटे थे, लेकिन सभी बाहर रहते हैं। राजकरन ही गांव में रहकर उसकी देखभाल करता था। लंबरी के भी पत्नी की मौत हो चुकी है। अंतिम सहारा रहे राजकरन के वंश समाप्त होने से लंबरी तनहा हो गया है।
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