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दहेज के लिए दानव बने ससुराल के लोग

Thu, 12 Feb 2015 12:11 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला कौशाम्बी
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मंझनपुर। दहेज में बाइक और 50 हजार के लिए ससुरालवाले युवती और उसके पांच बच्चों की जान के दुश्मन बने हैं। आरोप है कि कई वर्षों से उसे यातनाएं दी जा रही हैं। मारने पीटने के बाद उसे और उसके बच्चों को दो दिनों तक कमरे में बंधक बनाए रखा गया। मौका पाकर घर से बच्चों समेत भागकर मायके आई विवाहिता ने बुधवार को घटना की जानकारी एसपी को दी। पुलिस अधीक्षक ने जांच कराकर कार्रवाई का भरोसा पीड़िता को दिलाया है।
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करारी कोतवाली क्षेत्र के बजहा खुर्रमपुर गांव की रहने वाली गीता देवी पुत्र भभूतीलाल ने बताया कि उसकी शादी लालापुर इलाहाबाद के मेहरा नागनपुर गांव में 15 साल पहले हुई थी। उसके पांच बच्चे भी हैं। बताया कि उसके पति की यह दूसरी शादी है। पहली बीवी से भी दो बच्चे हैं। आरोप है कि शादी के बाद से ही पति और ससुराल के अन्य लोग 50 हजार रुपये, बाइक की मांग करने लगे थे। इसके लिए उसे और उसके बच्चों को आए दिन पिटाई की जाने लगी। कई बार तो दिन-दिनभर उसे और उसके बच्चों को भूखा भी रखा जाता था।

इधर, दो फरवरी की शाम पति और परिवार के अन्य लोगों ने मिलकर उसे और बच्चों की बेरहमी से पिटाई कर दी। वह बच्चों को लेकर घर से भागकर जान बचाई। बताया कि दो दिनों तक खेतों में छिपी रही। सूचना पर आए मायकेवालों के समझाने-बुझाने पर दुबारा घर गई। वहीं छह फरवरी की शाम फिर से ससुरालवालों ने उसकी और बच्चों को जमकर पीटा। पीटने के बाद एक कमरे में बंद कर दिया।
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दो दिन बाद पूरा परिवार उसके सौतेले बेटा की सगाई के लिए गया था, तभी मौका पाकर वह बच्चों समेत घर से निकलकर मायके चली आई। विवाहिता और उसके बच्चों की हालत देख मायकेवाले भी सन्न रह गए। बुधवार को विवाहिता अपने बच्चों के साथ पुलिस अधीक्षक से आकर मिली। प्रार्थनापत्र देकर ससुरालियों के कहर की जानकार दी। एसपी ने प्रकरण की जांच कराकर कार्रवाई का भरोसा विवाहिता को दिलाया है।
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