मलिहाबाद में जहरीली शराब से 27 लोगों की हुई मौत पर मंगलवार को कौशाम्बी आबकारी और पुलिस की नींद टूटी। पुलिस और आबकारी टीमों ने मंगलवार को दिनभर शराब बनाकर बेचने वालों के ठिकानों पर दबिश दी। एक साथ जिलेभर में दी गई दबिश के दौरान टीम को कारोबारियों के ठिकानों से 300 लीटर कच्ची दारू और करीब 100 कुंतल लहन मिला है। शराब जब्त करके पुलिस और आबकारी ने लहन को मौके पर ही नष्ट करा दिया है। वहीं दर्जनभर लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। पुलिस ने शराब बनाते मिले 10 लोगों को हिरासत में भी ले रखा है।
बता दें कि मलिहाबाद (लखनऊ) और उन्नाव में जहरीली शराब से 27 लोगाेें की हुई मौत ने पूरे प्रदेश में हाहाकार मचा रखा है। जहरीली शराब से मौत के बाद डीजीपी ने प्रदेश के सभी एसपी और आबकारी अफसरों को दबिश देकर अवैध शराब बनाने वालों पर कार्रवाई का निर्देश दिया। इसी फरमान पर मंगलवार को कौशाम्बी में भी दिनभर छापामारी की गई। आबकारी निरीक्षक और मंझनपुर कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम ने भेलखा, ओसा गांव के 15 घरों में दबिश देकर 140 लीटर शराब और 10 कुंतल लहन बरामद किया।
इसी तरह से सैनी पुलिस और आबकारी टीम ने सौरई, म्योहर में दबिश दी। टीम ने सौरई बुजुर्ग गांव के पीतांबर, उदल, गोमती, विशाल, विशम्बर और रामभवन के घर दबिश देकर 25 कुंतल लहन और 25 लीटर शराब पकड़ी। शराब बनाते पुलिस ने रंगेहाथ हत्थे चढ़े पीतांबर को हिरासत में भी ले लिया। इसी तरह से म्यौहर गांव के दिलीप, वीरेंद्र, पप्पू, लालचंद्र, सरोज कुमार, श्रीनाथ, भुस्सू, संजय और अशोक कुमार के घर दबिश देकर पुलिस ने 20 कुंतल लहन और 25 लीटर देशी शराब पकड़ी। यहां भी पुलिस ने दिलीप कुमार को शराब बनाते रंगेहाथ पकड़कर जेल भेज दिया है। इसी तरह से चायल एसडीएम और सीओ ने भी क्षेत्र के कई गांवों में दबिश देकर 45 कुंतल लहन और बनाकर रखी 100 लीटर देशी शराब बरामद की है।
कौशाम्बी में जहरीली शराब पीने से मौत की घटनाएं कई बार हुई हैं। दो साल पहले ही 8 अगस्त 2012 में जहरीली शराब पीने से कोखराज कोतवाली क्षेत्र के करेंहटी गांव के रोशनलाल और उसके रिश्तेदार भुईयांदीन की मौत हो गई थी। इसके अलावा सरायअकिल, सैनी, कोखराज, पिपरी, मंझनपुर, पश्चिमशरीरा, महेवाघाट, करारी आदि क्षेत्र में भी शराब से इक्का-दुक्का मौत होने की घटनाएं कई बार हुई हैं। इसके बाद भी यहां के पुलिस अफसर और आबकारी विभाग की जिम्मेदार कोई कार्रवाई नहीं करते हैं।
यही कारण है कि कौशाम्बी में गंगा-यमुना के तराई में बसे करीब 100 से अधिक पुरवे में घर-घर कच्ची शराब बनाकर बेचने का यह काला कारोबार बरसों से धडल्ले से चल रहा है। सिराथू क्षेत्र के तो रघुनाथपुर, शीतलपुर, शहजादपुर, मलाक भायल, करेंहटी, सौरई बुजुर्ग, म्योहरा आदि गंगा तराई के गांव में देशी शराब बनाकर इसके कारोबारी कौशाम्बी ही नही आसपास के जिलों में भी सप्लाई करते है। स्थानीय लोगों की मानें तो यह काला कारोबार इलाकाई पुलिस की मिलीभगत से ही चलता है। हफ्ता बंधे होने के कारण पुलिस सबकुछ जानते हुए भी इन कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करती है।