मंझनपुर। दलित उत्पीड़न के 18 साल पुराने एक मामले की बुधवार को सुनवाई की। अदालत ने आरोपी सगे भाइयों समेत पांच को तीन-तीन साल की सजा के साथ ही 14-14 हजार का अर्थदंड लगाया है। सरायअकि के जरैनी गांव निवासी विजय बहादुर 20 मार्च 2000 को स्कूटर से अपने घर जा रहा था। इस दौरान रास्ते में गांव के पास ही सिंचाई के लिए बिछे पाइप को लेकर पड़ोसी रामानंद यादव उसके बेटे नत्थूलाल, सोहनलाल, मोहनलाल, पप्पू यादव व नत्थू का बेटा उत्तम ने एक राय होकर उसे पीट दिया था। इस दौरान गाली-गलौच के साथ ही जातिसूचक शब्दों का भी इस्तेमाल किया था। पुलिस ने पीड़ित की तहरीर पर हफ्ते भर बाद मुकदमा दर्ज कर आरोपपत्र न्यायालय में प्रेषित किया।
मामले की सुनवाई एडीजे द्वितीय अनुपम कुमार की अदालत में हुई। अभियोजन की ओर से ज्येष्ठ अभियोजन अधिकारी पारसनाथ सरोज ने वादी समेत सात गवाहों को परीक्षित कराया। गुरुवार को मामले की सुनवाई हुई। दोनों पक्षों को सुनने व पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन कर सभी आरोपियों को दोषी ठहराते हुए सजा सुना दी। जबकि आरोपी रामामनंद यादव की दौरान मुकदमा मृत्यू हो गई।