मंझनपुर। दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर आजमगढ़ न्यायालय में तैनात कर्मचारी ने पत्नी को मारपीट के घर से निकाल दिया और चोरी से दूसरी शादी कर ली। मामले की सुनवाई करते हुए सीजेएम रमेश चंद्र ने गुरुवार को आरोपी पति को तीन साल और सास, ससुर व जेठ को एक-एक साल की सजा सुनाई है।
अभियोजन के मुताबिक करारी कोतवाली के अगियौना निवासी बेनी प्रसाद ने वर्ष 2009 में अपनी बेटी दीपा की शादी वैशकांटी गांव के दिलीप कुमार के साथ की थी। दिलीप आजमगढ़ के जनपद न्यायालय में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी है। दहेज में 50 हजार की मांग पूरी नहीं होने पर छह अगस्त 2013 को ससुरालियों ने मारपीट कर निकाल दिया। एसपी के आदेश पर सात अक्तूर 2013 को दिलीप व उसके घरवालों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न का मामला दर्ज हुआ। यह मामला सीजेएम कोर्ट में विचाराधीन था। अभियोजन की तरफ से पांच लोगों ने गवाही दी। गवाहों ने बताया दिलीप ने वर्ष 2011 में प्रियंका नाम की युवती से चोरी-छिपे शादी कर ली थी। उसके दो बच्चे भी हैं। इसी मामले में गुरुवार को सीजेएम रमेश चंद्र ने दिलीप को तीन साल व आरोपी बनाए गए ससुर भइयालाल, सास ऊषा व जेठ मुन्ना लाल को एक-एक साल की सजा सुनाई है।