कौशाम्बी जुआरियों का अड्डा बना हुआ है। कछारी इलाकों के अलावा मंझनपुर, पश्चिमशरीरा, सरायअकिल और सिराथू इलाके में यूं तो हमेशा जुआ खेला जाता है, लेकिन दिवाली के मौके पर गांव-गांव जुए की फड़ बिछती है। बताया जा रहा है कि अमावस की रात जिलेभर में जुआरियों ने करोड़ों का वारा-न्यारा किया। वहीं जुआरियों को सुरक्षित अड्डा मुहैया कराए जाने के लिए कई गैंग भी सक्रिय रहे।
दीपावली पर्व पर लक्ष्मी पूजा के साथ जिले में जुआरियों का भी जमघट लगता है। रविवार की रात लोगों ने धूम-धड़ाके साथ दिवाली मनाई। सुख-समृद्धि के लिए गणेश-लक्ष्मी की पूजा की। वहीं जिले के 100 से अधिक गांव और कस्बे में मुफीद ठिकानों पर जुआ खेला गया। सिराथू क्षेत्र के पइंसा, उदिहिन, पहाड़पुर, अफजलपुर वारी, सैनी, कड़ा, शीतलाधाम, दारानगर, कमालपुर, अलीपुरजीता, गुलामीपुर, अजुहा, साखा, टांडा शमसाबाद, कनवार, नारा, सेलरहा, जुबरा, अटसराय, मौलवीपुर, लोहदा, कल्यानपुर, कोखराज, भरवारी, मंझनपुर, महेवाघाट, पश्चिमशरीरा, रक्सौली, आदि गांव में पूरी रात जुआरियों का जमघट लगा रहा। लोगों का कहना है कि दीपावली तो एक बहाना है।
वहीं जुआरियों को सुरक्षित अड्डा मुहैया कराकर उनसे रोजाना कमाई करने वालों के कई गैंग जिले में सक्रिय है। आए दिन पुलिस की कार्रवाई से इसकी पुष्टि भी होती है। वहीं सैनी क्षेत्र के भैराें बाबा मंदिर के समीप बाग में हजारों लोग खुलेआम दिन रात जुआ खेलकर करोड़ो रुपये का दाव लगाते थे। कुछ साल पहले तत्कालीन एसपी आरके स्वर्णकार इस परंपरा पर विराम लगाने के लिए कुछ हद तक सफल रहे। बताते है कि तब से पुलिस हर वर्ष यहां चौकसी बरतती है। इसके बाद से जुआरियों से अपना अलग अड्डा बना लिया है। लोगों का कयास है कि क्या इस बार भी भैरोबाबा मंदिर में जुआरियों का मेला नहीं लगेगा। मामले में पुलिस अधीक्षक वीके मिश्र ने बताया कि जुआरियों और अड्डों पर नजर रखने के लिए सभी थानेदारों को सक्रिय किया गया है।