दिल्ली-हावड़ा रेल मार्ग पर पन्नोई गांव के समीप मंगलवार की सुबह एक युवक का रेलवे लाइन में शव मिला। 12 साल पहले युवक के पिता की रंजिशन गोली मार कर हत्या की गई थी। युवक रेलवे लाइन की तरफ क्या करने गया था। इस बाबत परिजन कुछ बोल नहीं पा रहे हैं। पुलिस ने हादसा मान कर शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
कोखराज कोतवाली के गनसरी गांव निवासी मासूक अहमद की 12 साल पहले गोली मार कर हत्या कर दी गई थी। इसके बाद मासूक की पत्नी रिजवाना चार बेटों व तीन बेटियों को लेकर लोहरा स्थित मायके में आकर रहने लगी। गनसरी में रिजवाना की काफी जमीन थी। उसी पर खेती करके परिवार का भरण-पोषण किया जाता रहा है। रिजवाना के दो बड़े बेटे मुंबई में रहते हैं। रिजवाना के देवर महफूज ने बताया कि मंगलवार की सुबह फोन से बताया कि उनके भजीते अरमान (18) पुत्र स्वर्गीय मासूक का शव पन्नोई गांव के समीप रेलवे लाइन पर पड़ा है। अरमान रेलवे लाइन की तरफ किस काम से गया था।
इसकी जानकारी नहीं मिल सकी। मनोहरगंज रेलवे स्टेशन मास्टर से पुलिस को खबर दिलाया गया। चरवा पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। घरवाले घटना की बाबत कुछ बता नहीं पा रहे हैं। इंस्पेक्टर अशोक कुमार का कहना है कि अरमान रेलवे लाइन पार करते समय हादसे का शिकार हुआ है।