सरायअकिल पुलिस ने मंगलवार की रात पनारा गोपालपुर गांव के पास जानवरों से भरी मालवाहक जीप पकड़ी। पुलिस को देखते ही पशुतस्कर जीप छोड़कर भाग निकले। मालवाहक जीप में 10 जानवर मिले हैं। पुलिस ने अज्ञात पशु तस्करों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करके बरामद पशुओं को स्थानीय किसानों की सुपुर्दगी में दे दिया है। एसओ ने बताया कि जीप के नंबर के माध्यम से चालक और पशु तस्करों की तलाश की जा रही है।
सरायअकिल पुलिस को मंगलवार की रात करीब 11 बजे खबर लगी कि पशुओं से भरी माल वाहक जीप गुजरने वाली है। सूचना पर पनारा गोपालपुर नहर पुलिया के पास पहुंचकर पुलिस ने वाहन चेकिंग शुरू कर दी। जैसे ही जानवरों से भरी मालवाहक जीप पनारा गोपालपुर गांव के समीप पहुंची। पुलिस द्वारा वाहन चेकिंग होती देख, पशु तस्कर जीप छोड़कर भाग निकले। पुलिस ने चालक और पशु तस्करों की धरपकड़ का भी प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। पुलिस ने जीप में से 10 मवेशियों को बरामद किया।
अज्ञात पशु तस्करों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करके पुलिस ने बरामद जानवरों को स्थानीय किसानों की सुपुर्दगी में दे दिया है। एसओ पीके यादव ने बताया कि पशु तस्कर इन जानवरों को वध के लिए पश्चिम बंगाल अथवा बिहार ले जा रहे हैं। जीप बरामद हुई है। इसके माध्यम से पशु तस्करों की तलाश की जा रही है। बता दें कि द्वाबा में बेखौफ पशु तस्कर पुलिस को चकमा देकर रोजाना मवेशियों की खेप गैरप्रांत भेजते रहते हैं। इलाकाई पुलिस की तमाम कोशिशों के बाद भी जानवरों की यह तस्करी बंद नहीं हो पा रही है।
नहीं पकड़ पाए पुलिस वाले
मंझनपुर ()। पुलिस कर्मियों की चुस्ती को पशु तस्कर चुनौती दे रहे हैं। अव्वल तो अपराधी पकड़ में ही नहीं आते। उस पर भी तुर्रा ये कि जब कभी आमना सामना भी होता है तो पुलिस दौड़ती रहती है और अपराधी आंखों के सामने से ओझल हो जाते हैं। चेकिंग के दौरान जैसे ही जीप से उतर कर पशु तस्कर भागे अगर पुलिस कर्मी चुस्त दुरुस्त होते तो पशु तस्करों को जरुर दौड़ाकर पकड़ लेते। मगर कोई भी पुलिस कर्मी पशु तस्कर को पकड़ नहीं सका। ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि पुलिस कर्मी कितने चुस्त दुरुस्त हैं।