घर के भीतर जलने से बृहस्पतिवार की दोपहर इमली गांव की एक विवाहिता की मौत हो गई। घटना के दौरान विवाहिता घर में अकेली थी। परिवार के अन्य सदस्य खेत में काम करने गए थे। चर्चा है कि शादी के कई साल बाद भी मां नहीं बन सकने के ताने से आजिज आकर उसने यह आत्मघाती कदम उठाया है। विवाहिता की मौत से घर-परिवार में कोहराम मचा हुआ है। वहीं खबर लिखे जाने तक मायकेवालों ने भी किसी भी तरह का आरोप लगाते हुए कोई तहरीर पुलिस को नहीं दी थी। एसओ ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
चरवा कोतवाली क्षेत्र के पकसराई गांव की रहने वाली सविता देवी की शादी तीन साल पहले सरायअकिल इलाके के इमली गांव निवासी कामता प्रसाद से हुई थी। बृहस्पतिवार की दोपहर विवाहिता की घर के भीतर संदिग्धदशा में जलने से मौत हो गई। उस समय युवती के ससुराल के लोग खेत में काम करने गए थे। उधर, घर से निकलता धुआं और विवाहिता की चीखें सुनकर गांव में हड़कंप मच गया। चीखते-चिल्लाते गांववाले मौके पर पहुंचे। दरवाजा भीतर से बंद देख लोग सन्न रह गए। तत्काल ग्रामीणों ने खेत गए परिजनों को इसकी जानकारी दी।
साथ ही गांववालों ने विवाहिता को बचाने का प्रयास किया। हालांकि जब तक लोग घर में घुसकर आग पर काबू पाते। विवाहिता की जलने से सांसें थम चुकी थीं। गांव में चर्चा है कि शादी के तीन साल बाद भी मां नहीं बन सकने को लेकर विवाहिता परेशान रहती थी। इसी घरेलू कलह से आजिज आकर उसने खुद को आग के हवाले करके जान दी है। वहीं बेटी की मौत की खबर लगते ही पिता कामता प्रसाद और मां शांति देवी समेत मायके के अन्य लोग भी ससुराल पहुंचे। हालांकि मायकेवालों ने खबर लिखे जाने तक किसी भी तरह का कोई आरोप नहीं लगाया है। एसओ विपिन त्रिवेदी ने बताया कि फौरी तौर पर मामला खुदकुशी का ही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।