इलाहाबाद में साथी की गोली मार हत्या किए जाने से कौशाम्बी के वकीलों में भी आक्रोश है। दोषी दरोगा की गिरफ्तारी, एसएसपी इलाहाबाद की बर्खास्तगी और मृतक वकील के परिजनों को 30 लाख रुपये बतौर मुआवजे की मांग को लेकर मंझनपुर में वकीलों ने बुधवार को कामकाज बंद करके प्रदर्शन किया। वहीं चायल के वकीलों ने चक्काजाम किया। बार अध्यक्ष ने बताया कि बृहस्पतिवार को बैठक करके आगे की रणनीति बनाई जाएगी।
इलाहाबाद में एक वकील की गोली मारकर हत्या से गुस्साए कौशाम्बी के भी वकीलों ने बुधवार को न्यायिक कामकाज बंद कर दिया। दोपहर करीब ढाई बजे मंझनपुर कचहरी परिसर में बैठक करके वकीलों ने घटना को पुलिस की बर्बरता करार देते हुए हुंकार भरी। वकीलों ने शासन से मृतक वकील के परिजन को 30 लाख और घायलों को 10-10 लाख रुपये मुआवजे के साथ ही दोषी दरोगा की गिरफ्तारी और एसएसपी इलाहाबाद को बर्खास्त करने मांग की।
इस मौके पर माडल डिस्ट्रिक बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रेमनाथ शुक्ल, महामंत्री राजेंद्र प्रसाद द्विेदी, मनुदेव त्रिपाठी, कुलदीप शुक्ल, विजय नारायण तिवारी आदि मौजूद रहे। वहीं इलाहाबाद की घटना को लेकर चायल तहसील के वकीलों में भी जबरदस्त गुस्सा है। वकील सड़क पर उतर आए और चायल-पुरामुफ्ती मार्ग दो घंटे तक जाम रखा। वकीलों ने मुआवजे के साथ ही दोषी दरोगा के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। इस मौके पर लाल बाबू सिंह, धर्मराज ओझा, सगीर अहमद, काजी असद, सुखलाल यादव, राकेश पाल, एके शर्मा, अवध नारायण, योगेश त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।