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अधिवक्ता-कलेक्ट्रेट कर्मी हुए आमने-सामने

Sun, 06 Nov 2016 12:52 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
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कचहरी परिसर के समीप भूखंड पर कब्जे को लेकर अधिवक्ता और कलेक्ट्रेट कर्मी आमने-सामने आ गए हैं। एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला चार साल से चल रहा है। अधिवक्ताओं द्वारा कलेक्ट्रेट कर्मी के बेटे और भाई पर कातिलाना हमले की रिपोर्ट दर्ज कराए जाने के बाद से मामला उग्र हो गया है। शनिवार को जहां अधिवक्ताओं ने हमलावरों की गिरफ्तारी के लिए एसपी को पत्र दिया वहीं कलेक्ट्रेट कर्मी भी तहसीलदार और एसपी को भूखंड की हकीकत से रूबरू कराया।
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    अधिवक्ता चैंबर के समीप कलेक्ट्रेट कर्मी अंगद सिंह की पत्नी बेला देवी द्वारा क्रय किए गए भूखंड पर कब्जे को लेकर अधिवक्ता और कलेक्ट्रेट कर्मी के बीच पांच साल से अदावत की चिंगारी सुलग रही है। अफसरों के हस्तक्षेप और विवाद के निस्तारण पर भूखंड का एक हिस्सा शिव मंदिर के नाम बेला देवी ने दान दिया। शेष पडे़ भूखंड पर कब्जे को लेकर अधिवक्ता और कलेक्ट्रेट कर्मी आमने-सामने हो गए हैं। उत्तर प्रदेश मिनिस्टीरियल कलेक्ट्रेट कर्मचारी संघ के महामंत्री अंगद सिंह ने बताया कि विवादित मामला हल हो चुका है।

इसके बाद भी उसके परिवार को अधिवक्ताओं द्वारा जबरन परेशान किया जा रहा है। अधिवक्ताओं ने जबरन उसके बेटे और भाई के खिलाफ हमले की एफआईआर दर्ज करवाया है। शनिवार को महामंत्री ने तहसीलदार मंझनपुर के माध्यम से एसडीएम, पुलिस अधीक्षक, क्षेत्राधिकारी और प्रभारी निरीक्षक मंझनपुर को प्रार्थना पत्र देकर न्यायोचित कार्रवाई की गुहार लगाई। कहा कि यदि समय रहते निर्णय नहीं लिया गया तो कलेक्ट्रेट कर्मी विवश होकर हड़ताल पर जाने के लिए बाध्य होंगे
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