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आश्रम पद्धति विद्यालय: नास्ते के साथ मिल रहे कीड़े

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आश्रम पद्धति विद्यालय: नास्ते के साथ मिल रहे कीड़े
बच्चों का आरोप-शिकायत पर मारपीट करता है स्टाफ
दूध के नाम पर मिल रहा पानी, शिकायत पर डीएम ने समाज कल्याण अधिकारी से किया जवाब-तलब
मंझनपुर(ब्यूरो)। पं. दीन दयाल आश्रम पद्धति विद्यालय कशिया ककोढ़ा में बच्चों की सेहत के साथ खिलवाड़ हो रहा है। मेन्यू के मुताबिक भोजन तो मिलता ही नहीं नाश्ते में कीड़ायुक्त चना व पानी मिला दूध परोसा जाता है। बच्चों का आरोप है कि शिकायत करने पर विद्यालय स्टाफ उनके साथ मारपीट करता है। बच्चों की शिकायत पर डीएम ने प्रभारी जिला समाज कल्याण अधिकारी से जवाब तलब किया है।
पं. दीन दयाल उपाध्याय आश्रम पद्धति विद्यालय कशिया ककोढ़ा में अध्ययनरत छात्रों की सेहत के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। बुधवार को डीएम मनीष कुमार वर्मा से इसकी शिकायत साक्ष्य सहित की गई। अंतर्राष्ट्रीय न्यायिक मानवाधिकार के उपाध्यक्ष केके दुबे ने डीएम को बताया कि बच्चों को नाश्ते के रूप में दिए जाने वाले चने से कीड़े निकल रहे हैं । दूध में दो तिहाई मात्रा पानी की रहती है। इसके अलावा बच्चों को मेन्यू के मुताबिक भोजन भी नहीं दिया जाता है। साक्ष्य के रूप में उन्होंने डीएम को एक वीडियो उपलब्ध कराया है। जिसमें बच्चों ने शिकायत पर स्टाफ द्वारा मारपीट करने का आरोप लगाया है। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने जांच कर कार्रवाई का निर्देश प्रभारी जिला समाज कल्याण अधिकारी मंजू सोनकर को दिया है। साथ ही स्पष्टीकरण भी तलब किया है। बहरहाल कुछ भी हो बच्चों के बयान से साफ है कि विद्यालय में उनकी सेहत के साथ जमकर खिलवाड़ हो रहा है। इसमें ठेकेदार के अलावा कहीं न कहीं जिम्मेदारों की भी संदिग्ध भूमिका नजर आ रही है।
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गजब: कोटेदार खुद भी ले रहा खाद्यान्न योजना का लाभ
चाचा भैयालाल के कार्ड में डलवा रखा है अपना नाम
लाइसेंस धारक पिता के कार्ड में फर्जी नाम से बढ़ाई यूनिट
कड़ा (ब्यूरो)। स्थानीय ब्लॉक के नासिरपुर फरीदगंज गांव के कोटेदार का गजब कारनामा प्रकाश में आया है। शस्त्रधारक पिता के कार्ड में उसने फर्जी नाम डालकर यूनिट बढ़ा रखी है तो, चाचा के कार्ड के सहारे स्वयं भी राशन उठा रहा है।
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नासिरपुर फरीदगंज का कोटा गांव के फूललाल के नाम है। गांव के पात्र गरीबों को खाद्यान्न वितरण करने के बजाय कोटेदार खुद के कुनबे को लाभान्वित कर रहा है। अब तक जो साक्ष्य सामने आए हैं उसमें कोटेदार अपने चाचा भैयालाल के नाम से बने अन्त्योदय कार्ड में स्वयं का नाम दर्ज कराकर लाभार्थी बन बैठा है। इतना ही नहीं पात्र गृहस्थी येाजना का कार्ड पत्नी रेखा देवी के नाम व डबल बैरल बंदूक के लाइसेंस धारक पिता नन्हें लाल के नाम पात्र गृहस्थी का कार्ड बनवा रखा है। पिता के कार्ड में सुशीला व रत्नेश को बेटे के रूप में दर्शाया गया है। जबकि, नन्हें लाल के इस नाम से कोई पुत्री व बेटा है ही नहीं। बहरहाल परिजनों की यूनिट पर हर माह कोटेदार भारी मात्रा में खाद्यान्न का गोलमाल कर रहा है। मामले में आपूर्ति निरीक्षक सिराथू प्रदीप तिवारी का कहना है कि कोटेदार स्वयं लाभ नहीं ले सकता है। शस्त्र धारक भी राशन कार्ड के लिए पात्र नहीं हैं। ऐसी कोई शिकायत नहीं मिली है। शिकायत मिलने पर जांच कर आरोपी कोटेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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