गला दबाकर युवक की हत्या
दो दिन पहले पड़ोसी गांव का युवक घर से बुलाकर ले गया था साथ
बृहस्पतिवार सुबह गांव के समीप खेत में मिली लाश, परिजनों में कोहराम
अमर उजाला ब्यूरो
पश्चिमशरीरा।
महेवाघाट के तिवारी का पुरवा गांव के युवक की दो दिन पहले गला दबाकर हत्या कर दी गई। बृहस्पतिवार सुबह युवक की लाश गांव के बाहर एक खेत में पड़ी मिली। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज तीन लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है।
तिवारी का पुरवा निवासी पल्टू (22) पुत्र अदालती प्रसाद मंगलवार शाम घर में था। इसी दौरान पड़ोसी गांव ढेरहा का अशोक कुमार उसके घर पहुंचा और अपने साथ लेकर चला गया। इसके बाद पल्टू लौटकर घर नहीं आया जबकि परिजन उसकी खोजबीन कर रहे थे। गुरुवार सुबह पल्टू की लाश गांव के बाहर एक खेत में पड़ी मिली। ग्रामीणों की सूचना पर परिजन भागकर मौके पर पहुंचे। घटनास्थल पर आसपास के गांवों के तमाम लोग इकट्ठा हो गए। सूचना पर महेवाघाट थाने की पुलिस पहुंची। मौका-मुआयना करने के बाद पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पल्टू के भाई सुग्गीलाल ने महेवाघाट इंस्पेक्टर मो. हासिम को पूछताछ के दौरान बताया कि पड़ोसी गांव का अशोक कुमार उसे अपने साथ बुलाकर ले गया था। आरोप लगाया कि अशोक व उसके साथियों ने गला दबाकर पल्टू को मौत के घाट उतार दिया। हत्या करने के बाद वे लोग शव खेत में फेंककर भाग निकले। सुग्गीलाल की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी अशोक कुमार निवासी ढेरहा व उसके दो अन्य साथियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर तहकीकात शुरू कर दी है।
रिश्ता नहीं तोड़ा तो सुला दी मौत की नींद
-एक ही घर में तय हुई थी आरोपी व मृतक की शादी, आरोपी का टूट गया था रिश्ता
अमर उजाला ब्यूरो
पश्चिमशरीरा (कौशाम्बी)। शादी से चंद रोज पहले अशोक ने साथी पल्टू को मौत की नींद सुला दिया। दोनों का रिश्ता एक ही घर में सगी बहनों के साथ तय हुआ था। अशोक का रिश्ता टूटा तो उसने पल्टू को शादी से इंकार करने के लिए कहा। पल्टू नहीं माना तो अशोक ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर उसे मौत के घाट उतार दिया।
महेवाघाट के तिवारी का पुरवा गांव के पल्टू निषाद की शादी तय हो चुकी थी। उसके साथी अशोक कुमार निवासी ढेरहा का भी उसी घर में रिश्ता तय हुआ था। दोनों लड़कियां सगी बहनें हैं। मगर अचानक अशोक का रिश्ता थोड़े दिन बाद टूट गया। किसी बात को लेकर लड़की पक्ष अशोक से शादी करने से इंकार कर दिया था। इससे अशोक भन्नाया था। वह पल्टू पर दबाव बना रहा था कि वह भी शादी से इंकार कर दे ताकि लड़की पक्ष को वह सबक सिखा सके। मगर इसके लिए पल्टू नहीं तैयार हुआ। इससे वह पल्टू से नाराज चल रहा था। साथी के मुकरने पर अशोक ने उसको रास्ते से ही हटाने की ठान ली। पांच सितंबर को फोन कर अशोक ने पल्टू को गांव के बाहर बुलाया। वह नहीं आया तो बुलाने घर पहुंच गया। इसके बाद दो अन्य साथियों के साथ उसे लेकर गांव से कुछ दूर स्थित ईंट-भट्ठे की ओर गया। आरोप है कि वहां गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। वारदात अंजाम देने के बाद आरोपी शव गांव खेत के बगल झाड़ी में फेंककर भाग निकले।
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दो महीने बाद होनी थी पल्टू की शादी
महेवाघाट के तिवारी का पुरवा गांव के पल्टू की शादी दो महीने बाद होनी थी। मंगनी के बाद दोनों परिवारों के लोग शादी की तैयारी में जुटे थे। पल्टू को क्या पता था कि उसका साथी ही कातिल बन जाएगा। मगर साथी पर किए गए अटूट विश्वास ने ही उसे मौत के मुंह में पहुंचा दिया।
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